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रबी सीजन के लिए सरकार ने किसानों को क्या बड़ी राहत दे दी है?

सरकार को सब्सिडी बढ़ानी क्यों पड़ी है?

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और किसानों की तस्वीर. फोटो: PM Twitter/India Today
खरीफ फसलों की कटाई के बाद अब रबी की बुवाई शुरू होनी है. इसके लिए खेतों को तैयार करने की प्रकिया भी शुरू हो गई है. इस बीच केंद्र सरकार ने खाद पर मिलने वाली सब्सिडी को बढ़ा दिया है, ताकि किसानों को पुराने रेट पर ही खाद मिलती रहे. बीती 12 अक्टूबर को पीएम नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति की बैठक हुई थी. इसमें अक्टूबर 2021 से मार्च 2022 की अवधि के लिए फॉस्फैटिक और पोटाश फर्टिलाइजर्स (पीएंडके उर्वरक) के लिए पोषक तत्व आधारित सब्सिडी (एनबीएस) दरों को मंजूरी दी गई. इसके तहत सरकार ने पीएंडके उर्वरकों पर 28 हजार 655 करोड़ रुपये की सब्सिडी की घोषणा की है. क्रेडिट रेटिंग एजेंसी ICRA ने डीएपी उर्वरक पर अतिरिक्त सब्सिडी के लिए विशेष एकमुश्त पैकेज देने के सरकार के फैसले को किसानों के साथ-साथ उद्योग के लिए सकारात्मक करार दिया है. कहा है कि इससे आने वाले महीनों में प्रमुख पोषक तत्वों की उपलब्धता में सुधार होगा. DAP पुराने रेट पर मिलती रहेगी DAP (यानी डी-अमोनियम फास्फेट) उर्वरक के अंतरराष्ट्रीय मूल्यों में वृद्धि के बाद आशंका जताई जा रही थी कि किसानों को भी ये ऊंची कीमत पर मिलेगी. लेकिन अब केंद्र सरकार ने किसानों को राहत देते हुए DAP खाद पर सब्सिडी बढ़ा दी है. पहले DAP खाद पर सब्सिडी 1212 रुपये थी, जो सरकार के फैसले के बाद बढ़कर 1662 रुपये प्रति बोरी हो गई है. यानी हर बैग पर 438 रुपये की सब्सिडी बढ़ाई गई है. इस वजह से किसानों को अब भी DAP की एक बोरी पहले की ही तरह 1200 रुपये में मिलेगी. इससे पहले भी जब अंतराष्ट्रीय बाजार में खाद के दाम बढ़े थे तो सरकार ने सब्सिडी में वृद्धि कर किसानों को राहत दी थी. तब सरकार ने सब्सिडी में 510 रुपये की बढ़ोतरी कर इसे 1212 रुपये प्रति बोरी किया था. पिछले साल DAP की वास्तविक कीमत 1700 रुपये प्रति बोरी थी. उस समय भी केंद्र ने सब्सिडी बढ़ाकर किसानों को राहत दी थी. DAP के अलावा इस पर मिली राहत सरकार ने एनबीएस योजना के तहत सब्सिडी दरों को मई 2021 में की गई घोषणा के अनुसार ही रखा है. उसने एनबीएस के तहत एन (नाइट्रोजन) की प्रति किलो सब्सिडी दर 18.789 रुपये, पी (फास्फोरस) के लिए 45.323 रुपये, के (पोटाश) के लिए 10.116 रुपये और एस (सल्फर) के लिए 2.374 रुपये तय की है. सरकार का कहना है कि अतिरिक्त सब्सिडी से रबी सत्र 2021-22 के दौरान किसानों को सभी पीएंडके उर्वरक सस्ती कीमतों पर आसानी से उपलब्ध कराए जा सकेंगे. सरकार ने 2010 में न्यूट्रिएंट्स बेस्ड सब्सिडी की योजना शुरू की थी. इसमें यूरिया की तरह कीमतें सरकार नियंत्रित नहीं करती है. खाद बनाने वाली कंपनियां ही अपनी लागत और मुनाफे के हिसाब से MRP बढ़ा या घटा सकती हैं. सरकार ने बस सब्सिडी का एक रेट तय कर रखा है. डीएपी की तरह ही सरकार नाइट्रोजन, पोटाश, सल्फर जैसे न्यूट्रिएंट्स पर सब्सिडी तय करती है. पिछली बार जून में एक किलो फॉस्फोरस पर 45 रुपये 32 पैसे सब्सिडी सरकार ने बढ़ाई थी.

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