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'मुझे प्रेसिडेंट की कार के बारे में फुल नॉलेज चाहिए'

एक बंदे ने इस बारे में RTI फाइल की. लेकिन उधर से जो जवाब मिला, उसे जानकर सूचना का अधिकार भी बिना सूचना दिए कहीं चला गया.

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फोटो - thelallantop
क्या आप प्रेसिडेंट ऑफ इंडिया की  गाड़ी का नंबर जानते हैं? उसका मॉडल, उसका रजिस्ट्रेशन नंबर? जानना बनता भी नहीं है. यहां लोगों को अपनी गाड़ियों के नंबर पता नहीं होते हैं तो राष्ट्रपति की बात तो छड्डो ही. लेकिन एक सज्जन हैं, राकेश अग्रवाल. एक आरटीआई फाइल की है. कोई ऐसी वैसी आरटीआई नहीं है. इन्होंने सीधा राष्ट्रपति की गाड़ी की जनरल नॉलेज मांगी है. हां, वही काली वाली लंबी मर्सिडीज़. देखा है न  'छब्बीजनवरी' वाले प्रोग्राम में? राकेश अग्रवाल की डाली आरटीआई में होम मिनिस्ट्री ने प्रेसिंडेट की गाड़ी के बारे में बताने से साफ इंकार कर दिया है. राकेश अग्रवाल को प्रेसिडेंट की गाड़ी के बारे में जानने की इतनी चुल मची थी कि सीधा प्रेसिडेंट के सेक्रेटेरिएट पहुंच गए. उनकी एप्लीकेशन को होम मिनिस्ट्री में ट्रांसफर कर दिया गया. होम मिनिस्ट्री ने बताया कि जो इंफॉर्मेशन राकेश ने मांगी हे वो एक्सेम्पटेड कैटेगरी की हैं. मतलब, आरटीआई से आपको बातें जानने का राइट तो है लेकिन कुछ कैटेगरी होती हैं जिसको हर हाल में टॉप सीक्रेट रखना पड़ता है. जैसे किसी की सिक्योरिटी-विक्योरिटी का मामला हो.
आरटीआई में वो  इंफॉर्मेशन नहीं दी जाती है, जिससे देश की अखंडता, एकता पर असर पड़े. अगर इंफॉर्मेशन डिस्कलोज़ करने से किसी की सेफ्टी पर असर पड़े या जान को खतरा हो तो वो इंफॉर्मेशन भी नहीं दी जाएंगी.
प्रेसिडेंट की काली मर्सडीज़ के अलावा राकेश को  उप-राष्ट्रपति की गाड़ी के बारे में भी जानना था. राकेश ने राष्ट्रपति भवन, राजभवन और राजनिवास की सारी गाड़ियों की जानकारी मांगी थी. लेकिन कोई जानकारी नहीं दी गई. अब राकेश की गाड़ियों का जनरल नॉलेज बढ़ाने के लिए प्रेसिडेंट की सेफ्टी से तो कॉम्प्रोमाइज़ नहीं कर सकते. तो अब गूगल, विकिपीडिया से ही काम चला लेओ. अब कुछ काम की बात भी जान लो...
प्रेसिडेंट की गाड़ी में कोई नम्बर प्लेट नहीं होती है. उसकी जगह अशोक एम्बेलम लगा होता है. राष्ट्रपति के पास Mercedes Benz S600 (W221) Pullman Guard रहती है.. राष्ट्रपति की गाड़ी है, एकदम हाईक्लास सिक्योरिटी से भरपूर. इस गाड़ी को राइफल के शॉट्स से कुछ नहीं होगा. ग्रेनेड के फ्रैग्मेंट्स भी लग जाएं तो अंदर बैठा इंसान बिल्कुल सेफ रहेगा.
(ये स्टोरी हमारे साथ इंटर्नशिप कर रही आकांक्षा ने लिखी है.)

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