क्या देश की जनसंख्या का रजिस्टर नहीं होना चाहिए? मैं आपसे पूछता हूं. ये हम लोगों ने नहीं बनाया. कांग्रेस ने 2010 में इसके बारे में फैसला किया था. ये कहते हैं कि आप नेशनल पॉपुलेशन रजिस्टर बना रहे हैं. फिर आप NRC लाएंगे और मुसलमानों को भारत से निकाल देंगे. मैं यहां मौजूद मुसलमानों से कहना चाहता हूं कि जो मुसलमान भारत का नागरिक है, कोई मां का लाल चिमटे से भी उसको छू नहीं पाएगा. अगर किसी को कोई शिकायत है, तो वो हमारे पास आ सकता है. हम उस मुसलमान के साथ खड़े होंगे. हम इंसानियत को लेकर राजनीति नहीं करते हैं.
जो लोग जलालत की ज़िंदगी जी रहे थे, CAA लाकर मोदी सरकार ने उन्हें नागरिकता देने का वादा पूरा किया है. हमने कोई अपराध नहीं किया, लेकिन इसे हिंदू और मुसलमान के नजरिये से देखा जा रहा है. हमारे प्रधानमंत्री धर्म के आधार पर नहीं, इंसानियत के आधार पर सोचते हैं. कुछ ताकते हैं, जो हिंदू और मुसलमानों के बीच खाई पैदा करना चाहती हैं. इनके अपने हित हैं. मैं सबसे अपील करता हूं कि सांप्रदायिक तनाव नहीं पैदा होना चाहिए.
महात्मा गांधी ने कहा था कि अगर अल्पसंख्यकों का उत्पीड़न होता है, तो उसके प्रति भारत को संवेदनशील होना होगा. महात्मा गांधी ने जो कहा था, उसे BJP ने कर दिखाया है. कांग्रेस के पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने 18 दिसंबर 2003 को कहा था- पाकिस्तान, बांग्लादेश में जिन हिंदू-सिखों का उत्पीड़न हुआ है, सरकार को उन्हें नागरिकता देनी चाहिए. जो उन्होंने कहा था, वह हमने पूरा किया. आज जगह-जगह 'भारत तेरे टुकड़े होंगे' नारे लग रहे हैं. ये अधिकार किसने दिया?
विपक्षी दल दुष्प्रचार कर रहे हैं कि NRC लाकर देश के मुसलमानों को बाहर कर दिया जाएगा, जबकि NRC पर कहीं चर्चा भी नहीं हुई. NPR में यदि आपसे कोई नाम, जन्मतिथि पूछता है, तो जो आप देंगे, वही लिख लिया जाएगा. कोई किसी पर दबाव नहीं डाला जाएगा. NRC हमलोग भारत में लेकर नहीं आए हैं. NRC की चर्चा आजादी के समय आ गई थी. तत्कालीन प्रधानमंत्री राजीव गांधी ने बांग्लादेश के प्रधानमंत्री से उस समय बात की थी. सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर असम में NRC लागू हुआ. जो ताकतें भ्रम फैला रही हैं, उन पर ध्यान न दें.इसके अलावा उन्होंने कहा कि 2014 और 2019 में चुनावी सभाओं की शुरुआत मेरठ से ही हुई थी. ये क्रांतिकारियों की धरती है और बीजेपी इसका महत्व समझती है.
BJP के नितिन गडकरी ने सरकार में ‘निगेटिव एटीट्यूड’ की बात क्यों कही?























