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मायावती के पैर छुओ या 4 करोड़ रुपये दो, नहीं तो टिकट कैंसिल!

बुढ़ाना विधानसभा से बसपा के अब तक तीन उम्मीदवार बने और तीनों को धक्का मारा जा चुका है.

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फोटो - thelallantop
उत्तर प्रदेश. चुनावी सरगर्मियां तेज होती जा रही हैं. जोड़ तोड़ हो रही है. पार्टियां स्ट्रेटेजी बना रही हैं. दल बदल हो रहे हैं. रीता बहुगुणा कांग्रेस छोड़कर भाजपा में शामिल हो गई हैं. सपा में अभी क्लियर नहीं है कौन किस तरफ है. बसपा ने अपने एक उम्मीदवार को पार्टी से बाहर निकाल दिया है. नाम है कंवर हसन. मुज़फ्फरनगर की बुढ़ाना विधानसभा से. बुढ़ाना उस वक्त भी चर्चा में था, जब नवाज़ुद्दीन सिद्दीकी को रामलीला में भाग लेने से रोक दिया गया था. पिछले छह महीनों में बुढ़ाना से कंवर हसन तीसरे उम्मीदवार हैं जिन्हें पार्टी से चलता किया गया है. हसन ने कहा - मुझे इसलिए निकाला गया क्योंकि मैंने मायावती के पैर छूने से मना कर दिया था. उन्होंने ये भी आरोप लगाया कि उनसे चार करोड़ रुपये भी मांगे गए. बसपा लीडर नसीमुद्दीन सिद्दीकी का कहना ये इल्जाम गलत है. क्यों निकाला गया, इसके जवाब में इतना ही कहा कि हसन लोकल नेताओं को सपोर्ट नहीं कर रहे थे.
हसन ने इंडियन एक्सप्रेस को बताया कि पार्टी ने उनकी उम्मीदवारी का ऐलान एक अक्टूबर को किया था. सन्डे को उनका टिकट कैंसल कर दिया गया. हसन ने बताया, ''सिद्दीकी ने मुझसे कहा कि तुम बुढ़ाना के बजाय शामली से चुनाव लड़ो. मैंने उनसे कहा कि बुढ़ाना में मेरी पकड़ मजबूत है. इससे पहले मेरे भाई मुनव्वर हसन यहां से सांसद रहे हैं. उन्होंने मुझसे कहा कि मायावती से मिल लो. मैं तैयार हो गया.'' हसन ने बताया कि वो सिद्दीकी के साथ तीन नवम्बर को मायावती से मिलने पहुंचे. वहां मुझसे मायावती के पैर छूने को कहा गया. जब मैंने मना कर दिया तो मुझसे चार करोड़ रुपये मांगे गए ताकि मुझे टिकट मिल सके.
इससे पहले भी जून में बुढ़ाना की सीट से नईम मलिक को पार्टी से बाहर निकाल दिया गया था. दूसरे उम्मीदवार मोहम्मद आरिफ को भी पार्टी से बाहर का रास्ता दिखाया गया. उन पर अपनी ही किडनैपिंग करवाने का प्लान बनाने का आरोप लगाया गया था.

ये स्टोरी निशान्त ने की है.

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