यूनाइटेड किंगडम की 96 वर्षीय महारानी एलिजाबेथ द्वितीय (Queen Elizabeth) की हालत काफी नाजुक बताई जा रही है. वो इस समय डॉक्टरों की निगरानी में हैं. अंतराराष्ट्रीय न्यूज एजेंसी रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक परिवार के सदस्य एलिजाबेथ के पास पहुंच रहे हैं. बकिंगघम पैलेस (Buckingham Palace) की तरफ से बताया गया है कि महारानी पिछले साल से बढ़ती उम्र की समस्याओं से पीड़ित हैं. एलिजाबेथ द्वितीय ने सबसे लंबे समय तक यूनाइटेड किंगडम पर राज किया है. पैलेस द्वारा जारी एक बयान में कहा गया,
महारानी एलिजाबेथ की तबीयत नाजुक, बेटे प्रिंस चार्ल्स समेत सगे संबंधी महल पहुंचे
एलिजाबेथ द्वितीय पिछले 70 साल से महारानी यूनाइटेड किंगडम की महारानी हैं.


'सुबह में जांच के बाद महारानी के डॉक्टरों ने उनके स्वास्थ्य को लेकर चिंता जताई है और यह सुझाव दिया गया है कि उन्हें मेडिकल निगरानी में ही रखा जाए. उनकी स्थित अभी स्थिर है और वह बालमोरल में हैं.'
बालमोरल एलिजाबेथ का किला है और ये स्कॉटलैंड में है. बीबीसी की रिपोर्ट के मुताबिक महारानी के सबसे बड़े बेटे प्रिंस चार्ल्स, उनकी पत्नी कैमिला और राजकुमारी ऐनी बालमोरल किले में हैं. वहीं उनके बेटे प्रिंस विलियम भी किले में पहुंच रहे हैं. इसके अलावा प्रिंस हैरी और मेगन तथा प्रिंस एंड्रयू और प्रिंस एडवर्ड स्कॉटलैंड के लिए निकल चुके हैं. इसके साथ-साथ आर्कबिशप ऑफ कैंटरबरी जस्टिन पोर्टल वेल्बी ने एलिजाबेथ का स्वास्थ्य जल्द ठीक होने की कामना की है.
पिछले साल अक्टूबर महीने में भी एलिजाबेथ की शारीरिक स्थिति खराब हुई थी, जिसके बाद से वो सार्वजनिक कार्यक्रमों में नजर नहीं आ रही थीं. बीते 7 सितंबर को भी उन्हें वरिष्ठ मंत्रियों के साथ एक मीटिंग रद्द किया था क्योंकि डॉक्टरों ने ऐसा न करने की सलाह दी थी.
इधर यूनाइटेड किंगडम की प्रधानमंत्री लिज ट्रस ने भी महारानी एलिजाबेथ द्वितीय के स्वास्थ्य को लेकर चिंता जाहिर की है. उन्होंने कहा,
'बकिंघम पैलेस से आए खबर के चलते पूरा देश चिंतित है. ऐसे समय पर हम और यूनाईटेड किंगडम के सभी लोग महारानी और उनके परिवार के साथ हैं.'
इसके अलावा विपक्षी लेबर पार्टी के नेता काइर स्टार्मर ने भी चिंता जाहिर की है. इस समय बकिंगघन पैलेस के गेट के बाहर भारी संख्या में लोग जमा हो रहे हैं और वो महारानी के ठीक होने के लिए प्रार्थना कर रहे हैं. एलिजाबेथ द्वितीय 1952 से ही महारानी हैं. वो सिर्फ ब्रिटेन ही नहीं बल्कि एक दर्जन से अधिक देशों की महारानी रही हैं.
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