बीजेपी नेता मुकुल रॉय. (फोटो- PTI)
तृणमूल कांग्रेस के विधायक सत्यजीत बिस्वास मर्डर केस. पश्चिम बंगाल CID ने BJP के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष मुकुल रॉय का नाम एडिशनल चार्जशीट में शामिल किया है. चार्जशीट में CID ने मुकुल रॉय पर सत्यजीत बिस्वास की हत्या की साजिश रचने का आरोप लगाया है. मुकुल रॉय के वकील सुमन रॉय ने बताया-
" मुकुल रॉय को आरोपी बनाया गया है. अब तक चार्जशीट में 5 लोगों का नाम दिया गया है. इसमें मुकुल रॉय के अलावा BJP सांसद जगन्नाथ सरकार का नाम भी शामिल हैं."
मार्च 2020 में CID मुकुल रॉय से पूछताछ कर चुकी है. उन्हें कोलकाता हाईकोर्ट से अंतरिम ज़मानत मिल गई थी. पूरे मामले पर मुकुल रॉय ने न्यूज एजेंसी ANI से बात करते हुए कहा-
"ये एक साजिश है. मैं ममता बनर्जी को चुनौती देता हूं कि वो जनता के सामने आएं और मेरे ऊपर लगे चार्जेज़ के बारे में बताएं. मैं जेल जाने के लिए तैयार हूं अगर जनता मानती है कि मैं ऐसे मामलों में शामिल हो सकता हूं."
मुकुल बीजेपी के दूसरे बड़े नेता हैं जिनका नाम चार्जशीट में है. इससे पहले राणाघाट से BJP सांसद जगन्नाथ सरकार का नाम चार्जशीट में आ चुका है. मामले में जगन्नाथ सरकार से CID कई बार पूछताछ भी कर चुकी है.
क्या था मामला 9 फरवरी 2019 को कृष्णगंज विधानसभा क्षेत्र से TMC विधायक सत्यजीत बिस्वास की हत्या हो गई थी. 41 वर्षीय बिस्वास जब अपने क्षेत्र में एक सरस्वती पूजा कार्यक्रम में हिस्सा ले रहे थे तब उन्हें पॉइंट ब्लैंक यानी बिल्कुल सामने से गोली मारी गई थी.
BJP ने क्या कहा अब इस मामले में मुकुल रॉय का नाम सामने आने पर BJP ने ममता बनर्जी पर निशाना साधा है. BJP के महासचिव और बंगाल प्रभारी कैलाश विजयवर्गीय ने ट्वीट किया-
"ममताजी का षडयंत्र चालू है! @MukulR_Official के ऊपर हत्या के झूठे आरोप में चार्टशीट दायर करना ये दर्शाता है कि विपक्ष को कुचलने का षडयंत्र जारी है जबकि ममता सरकार कुछ ही दिनों की मेहमान है! फिर क्या होगा @MamataOfficial जी सोचिए"
कौन हैं मुकुल रॉय वर्तमान में BJP के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष मुकुल रॉय ममता बनर्जी के खासमखास रहे हैं. 2017 में TMC छोड़ BJP का दामन थामने वाले मुकुल केंद्र की यूपीए-2 सरकार में रेल मंत्री भी रह चुके हैं. यूथ कांग्रेस के समय से ही ममता के करीबी रहें मुकुल तृणमूल कांग्रेस के संस्थापक सदस्यों में से एक रहे हैं. मुकुल रॉय 2006 से 2017 तक TMC की तरफ़ से राज्यसभा सदस्य भी रहे. 2015 में शारदा चीट फंड मामले में ममता बनर्जी के साथ नाम आने के बाद मुकुल और ममता के रिश्ते बिगड़ने लगे. बिगड़ते-बिगड़ते ये रिश्ता इतना बिगड़ गया कि 2017 आते-आते मुकुल को तृणमूल से 6 साल के लिए निष्कासित कर दिया गया. 25 सितंबर 2017 को उन्होंने TMC से इस्तीफा दे दिया. हालांकि उनकी BJP नेताओं से करीबी दिखने लगी थी मगर आधिकारिक तौर उन्होंने 3 नवंबर को BJP जॉइन की. उन्हें हाल ही पश्चिम बंगाल में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले BJP ने राष्ट्रीय उपाध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपी है.