बंगाल के एक बीजेपी नेता ने जनता से मांग की है कि वो अपने घरों में त्रिशूल रखें. क्यों? तृणमूल कांग्रेस से बचने के लिए. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक़, बीजेपी नेता राजू बंदोपाध्याय कोलकाता के बाहरी इलाक़े में जगधतरी पूजा कार्यक्रम में गए हुए थे. वहां भाषण देते हुए उन्होंने कह दिया कि पंचायत चुनाव के दौरान तृणमूल कांग्रेस के कार्यकर्ता हिंसक हो जाएंगे और इसलिए महिलाओं को बीजेपी कार्यकर्ताओं की रक्षा के लिए घर में त्रिशूल रखना चाहिए.
बंगाल: बीजेपी नेता का भड़काऊ बयान, 'चुनाव आने वाले हैं, घरों में त्रिशूल रख लो!'
मंच पर बीजेपी सांसद दिलीप घोष भी थे, ताली बजा रहे थे.


आजतक की रिपोर्ट के मुताबिक राजू बंदोपाध्याय ने कहा,
"पंचायत चुनाव में तृणमूल कांग्रेस बम और गोलियों का इस्तेमाल करेगी. आत्मरक्षा के लिए हमारे पास क्या होगा? अपनी रक्षा के लिए हमारे पास मां दुर्गा ने हमें त्रिशूल दिया है. सभी माताओ और बहनो! अपनी सुरक्षा के लिए घर में त्रिशूल रखिए, क्योंकि बंगाल में यही स्थिति है. आप उनको जानती हैं. पूजा चल रही है और उन्होंने यहां माइक्रोफोन चालू कर दिया है."
जिस कार्यक्रम में ये बयान दिया गया, वहां बंगाल बीजेपी सांसद दिलीप घोष मौजूद थे. राजू के भाषण पर उन्हें कथित तौर पर ताली बजाते देखा गया.
उसी इलाक़े में एक और ऐसा ही कार्यक्रम था, जहां तृणमूल के विधायक तपस रॉय आए हुए थे. उन्होंने इस बयान की निंदा की है. कहा कि बीजेपी नेता का ये बयान ठीक नहीं है और प्रशासन को इसका संज्ञान लेना चाहिए. विधायक रॉय ने कहा,
"वे चाहते हैं कि लोग घर में त्रिशूल रखें. फिर वे कहेंगे कि घर पर कुछ और रखो. इससे केवल बंगाल की राजनीति, शांति और व्यवस्था प्रभावित होगी. वे बंगाल में शांति की बात करते हैं, लेकिन वे भड़काऊ बयान देते रहते हैं. असल में वे बंगाल में शांति चाहते ही नहीं. वे बंगाल के बारे में सोचते ही नहीं, लेकिन हम बंगाल, हमारी संस्कृति और परंपराओं के बारे में सोचते हैं और इसलिए हम ऐसी बातें नहीं कह सकते."
2023 की शुरुआत में बंगाल में पंचायत चुनाव होने हैं. पिछले चुनाव में बहुत हिंसा देखी गई थी. ऐसे में आगामी चुनाव को लेकर राज्य की बीजेपी इकाई ने सेंट्रल फ़ोर्सेज़ की तैनाती की मांग की है. सांसद दिलीप घोष ने कहा,
"इस बात की कोई गारंटी नहीं है कि केंद्रीय बलों को तैनात किया जाएगा. पिछली बार भी हमने ये मांग उठाई थी. हमें पता था कि क्या स्थिति बनने जा रही है. लेकिन चुनाव होंगे और हमें लड़ना होगा और बीजेपी इसकी तैयारी कर रही है.
हम केंद्रीय बलों की तैनाती चाहते हैं और हम फिर से इसकी मांग कर रहे हैं, ताकि लोग अपने घरों से बाहर निकलकर मतदान कर सकें. हमें किसी की जरूरत नहीं है, हमारे कार्यकर्ता काफी हैं, लेकिन जिस तरह से हम बंदूकों और बमों के बारे में सुन रहे हैं, उससे वाक़ई शक होता है कि क्या स्थिति होगी."
घोष ने ये भी आरोप लगाए कि उन्होंने तृणमूल के बीरभूम ज़िला प्रमुख अनुब्रत मंडल को जेल से बाहर निकालने की कोशिशों के बारे में सुना है. मंडल को इसी साल 11 अगस्त को CBI ने मवेशी-तस्करी घोटाले के सिलसिले में गिरफ़्तार किया था. वहीं, तृणमूल ने जवाब में कहा है कि मंडल की गिरफ़्तारी एक राजनीतिक साज़िश है.
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