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आज़म खान स्टेज पर भावुक हुए, कहा - "जिंदा हूं क्योंकि खुदकुशी हराम है"

चुनाव प्रचार कर रहे थे आज़म खान!

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रामपुर में जनसभा को संबोधित करते आजम खान. (तस्वीर- आजतक)

समाजवादी पार्टी (सपा) के वरिष्ठ नेता और यूपी के पूर्व मंत्री आजम खान एक कार्यक्रम के दौरान काफी भावुक नजर आए. रामपुर उपचुनाव के सिलसिले में आयोजित एक जनसभा में बोलते हुए आजम खान ने यहां तक कह दिया कि वो केवल इसलिए जिंदा हैं, क्योंकि इस्लाम में खुदकुशी हराम है. आजम खान की विधायकी जाने के बाद चुनाव आयोग ने रामपुर में विधानसभा उपचुनाव कराने का ऐलान किया था. आजम चुनाव लड़ नहीं सकते इसलिए सपा ने आसिम राजा पठान को मैदान में उतारा है. सोमवार, 28 नवंबर को आसिम के लिए प्रचार करने आए आजम खान ने रामपुर के लोगों से अपने 'उत्पीड़न' का दर्द बयान किया. 

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आजतक से जुड़े आमिर खान के मुताबिक सपा नेता ने कहा,

"सरकारें बहुत-सी आईं. हमारी सरकारें भी आईं. लेकिन अमन था, शांति थी, मोहब्बत थी. एक दूसरे का एहतराम था. हम तो ये जानते ही नहीं थे कि सरकारों का ये काम (जेल में डालना) भी है. हमें तो ये खबर ही नहीं थी कि सरकारों का काम घरों के दरवाजे तोड़ना है, औरतों के चेहरों पर थप्पड़ मारना है, घसीट कर ले जाकर थानों में बंद कर देना है, बेगुनाह लोगों को महीनों और सालों तक जेलों में डाल देना है, उनके हाथों से कलम और मुंह से जबान खींच लेना है. हमने तो ये समझा था कि हम विधायक हो गए, सांसद हो गए, मंत्री हो गए, हमें सड़कें बनवानी हैं, पुलिया बनवानी है, इमारतें बनवानी हैं, पेंशन करानी है, बेरोजगारों को रोजगार दिलवाना है, जिनके पास घर नहीं है उन्हें घर दिलवाना है. अगर हमें ये मालूम हुआ होता कि सरकारों का ये काम भी है तो मेरे अजीजों 50 साल के इस सियासी सफर में और चार बार की सियासी ताकत में, मैं वो कर सकता था जो रामपुर में एक नई तारीख लिख देता."

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आजम खान ने आगे कहा,

"मैं अपने बच्चे की उम्र साबित नहीं कर सका. उसे पैदा करने वाली मां अपनी औलाद की उम्र साबित नहीं कर सकी. ये हमारी बदकिस्मती नहीं है तो क्या है? मैं चोर हूं. मैं बकरियों का डाकू हूं. भैंस का डाकू हूं. मुर्गी का डाकू हूं. फर्नीचर का डाकू हूं. किताबों का डाकू हूं. ऐ अल्लाह, हिंदुस्तान में ऐसे लाखों लोग पैदा कर दे जो ऐसी डकैती करें, लेकिन यूनिवर्सिटी बनवा दें. मैं, मेरी औलाद अदालत के सामने अपनी बेगुनाही साबित नहीं कर सके. हम सज़ा के दरवाजे पर खड़े हैं. जेल हमारा इंतजार कर रही है. जानते हो क्या सलूक हुए हमारे साथ? वो सलूक तो हिटलर ने यहूदियों के साथ भी नहीं किए थे जो हमारे साथ हुए."

आजम खान के भाषण के दौरान जनसभा में मौजूद कोई शख्स हंस दिया. उसे हंसता देख आजम खान ने कहा,

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"आप अपने पर हंस रहे हैं या हम पर हंस रहे हैं? कितना हंसोगे अपने ऊपर. हम पर तो दुनिया हंस रही है, थू कह रही है. हंसो और हंसो, हमसे ज्यादा बेशर्म और कौन हो सकता है? इतना कुछ कहने के बाद भी तुम्हारे अंदर हंसने की हिम्मत है. मैं दाद देता हूं तुम्हारी सेहत को... रोज दस्तक होती है दरवाजे पर. कल 24 मुकदमों में तारीख है. अगले दिन 25 मुकदमों में तारीख है. हरेक दफा में उम्रकैद की सजा है. कई जिंदगियां चाहिए इन सजाओं को भुगतने के लिए. मुझे खो देने के बाद तुम खुश नहीं रह सकोगे, आबाद नहीं रह सकोगे."

आजम खान ने कहा कि उन्हें ऐसे अपराध के लिए 27 महीने जेल में काटने पड़े जो उन्होंने नहीं किया. सपा के वरिष्ठ नेता ने बताया कि जेल में बिताया एक-एक लम्हा उनके लिए एक-एक साल के बराबर था. भाषण जारी रखते हुए आजन खान ने रामपुर के लोगों से कहा,

"अल्लाह के यहां तुम्हें जवाब देना होगा. रोजे हश्र मेरा हाथ होगा और तुम सबका गिरेबान होगा. तुमने बहुत दिल दुखाया है मेरा, बहुत रुलाया है. मैं बुजदिल नहीं हूं, बड़ी बहादुरी से जुल्म का मुकाबला कर रहा हूं. दो सरकारों का मुकाबला कर रहा हूं. मैं बुजदिलाना मौत मरना नहीं चाहता, तुम्हारे हाथों से मरना चाहता हूं."

आजम खान ने कहा कि चुनाव आयोग ने 24 घंटे नहीं बल्कि '24 मिनट' के अंदर उनकी विधानसभा की मेंबरशिप खारिज करके नए चुनाव का ऐलान कर दिया. सपा नेता ने आरोप लगाया कि रामपुर में उपचुनाव कराने की ऐसी जल्दबाजी दिखाई गई कि स्पीकर ने हड़बड़ाहट में विधानसभा 37 की जगह विधानसभा 38 की सीट को रिक्त घोषित कर दिया और अगले दिन चुनाव की तैयारियां शुरू हो गईं. उन्होंने कहा,

"इतनी जल्दी है मेरी बर्बादी की. क्यों? आखिर क्या गुनाह है मेरा? एक वोट ही तो मांगता हूं. वोट भी कभी नहीं मांगा. आपसे कभी नहीं कहा मुझे वोट दो. हमेशा कहा मेरा साथ दो."

आजम खान यहीं नहीं रुके. उन्होंने कहा,

"तुम एक ऐसी रियासत में रहते थे जिसका मालिक तुम्हें गधे का बच्चा कहता था. तुम्हारे पूर्वजों को गधे का बच्चा कहता था और जो गधे का बच्चा कहलाता था वो अपने घर जाकर कहता कि सरकार ने आज हमें गधे का बच्चा कहा. मैं तुम्हें इंसान बनाना चाहता था. मैं तुम्हें हिंदुस्तान का सबसे अच्छा शहरी बनाना चाहता था. तुम्हारे बच्चों को कलेक्टर और एसपी की कुर्सी पर बैठाना चाहता था. तुम्हारे दिल और दिमाग का इलाज करने वाला डॉक्टर बनाना चाहता था. ये था मेरा गुनाह.

आपने मेरी मुस्कुराहट क्यों छीन ली? हमारा गुनाह बताओ. सरकार क्यों दुश्मन हुई हमारी? मेरी जान की दुश्मन क्यों हुई? मुझे जेल में क्यों जहर दिया गया बताओ. दो दिन तक कोरोना के भयानक मरीज को जेल के बाहर क्यों जाने नहीं दिया गया? ताकि मैं मर जाऊं? आखिर क्यों किया आपने ये मेरे साथ?"

“भेड़िया दरवाजे पर खड़ा है”

आजम खान ने लोगों को जज्बात का हवाला देते हुए अपील की कि वे उपचुनाव में सपा उम्मीदवार आसिम राजा पठान को वोट दें. बोले,

"क्या माहौल है शहर का. दहशत, खौफ, हर लम्हा जुल्म का इंतजार. ये आबादी बदनसीबों की आबादी है. मेरा दिल फट जाएगा अगर तुम ने बेवफाई की तो. आप मेरे साथ धोखा मत करना. मेरे पास बहुत वक्त है भी नहीं. और जान लो अच्छी तरह, भेड़िया तुम्हारे दरवाजे पर खड़ा है. अगर वो तुम्हारे घर के अंदर दाखिल हो गया तो अपनी इज्जत की हिफाजत नहीं कर सकोगे."

बहरहाल, रामपुर विधानसभा सीट पर 5 दिसंबर को मतदान होगा और 8 दिसंबर को वोटों की गिनती की जाएगी.

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