उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के अयोध्या में BJP के अंदर सब कुछ ठीक नहीं चल रहा है. फैजाबाद के पूर्व सांसद लल्लू सिंह एक प्रेस कॉन्फ़्रेंस को अचानक छोड़कर निकल गए. उन्होंने दावा किया कि वो एक ‘माफिया’ के साथ मंच शेयर नहीं करेंगे (Lallu Singh mafia comment). जानकारों ने बताया कि उनका इशारा बीजेपी नेता शिवेंद्र सिंह की तरफ़ था. इस मामले पर शिवेंद्र सिंह की भी प्रतिक्रिया आई है. उनका कहना है कि अयोध्या में पार्टी की हार की वजह लल्लू सिंह की 'संविधान बदल देंगे' वाली टिप्पणी है. उन्होंने अतीत में लल्लू सिंह के आपराधिक पृष्ठभूमि वाले लोगों के साथ कथित संबंधों की तरफ़ भी इशारा किया है.
अयोध्या में हार से उपजी कलह सामने आई, पूर्व सांसद ने BJP नेता को माफिया बता प्रेस कॉन्फ्रेंस छोड़ी
Lallu Singh ने कहा था, 'मुझे नहीं लगा कि ऐसे आपराधिक पृष्ठभूमि वाले लोगों के साथ बैठना सही है. इसलिए मैंने चुपचाप वहां से निकल जाना सही समझा.'


दरअसल, BJP प्रदेश महासचिव संजय राय ने सदस्यता अभियान को लेकर अयोध्या के सर्किट हाउस में एक प्रेस कॉन्फ़्रेंस बुलाई थी. उत्तर प्रदेश में विधानसभा उपचुनावों से पहले पार्टी के सदस्यता अभियान को लॉन्च करने के लिए ये कार्यक्रम रखा गया था. यहीं, लल्लू सिंह ने मंच छोड़ दिया. अब, इस मामले में उनकी फिर प्रतिक्रिया आई है. इंडियन एक्सप्रेस से बात करते हुए लल्लू सिंह ने कहा है कि इसका आगामी विधानसभा उपचुनावों पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा.
लल्लू सिंह ने बताया,
बात मुझे साइडलाइन करने की नहीं है. मुझे कौन साइडलाइन करेगा? ये शिष्टाचार और अनुशासन की बात है. मैं समय से पहले प्रेस कॉन्फ्रेंस में पहुंच गया था और पत्रकारों के साथ बैठा था. तभी पार्टी के कुछ नेता वहां पहुंचे और मंच की तरफ़ बढ़े. मैंने देखा कि वहां कुछ ग़लत लोग बैठे हैं. मुझे नहीं लगा कि ऐसे आपराधिक पृष्ठभूमि वाले लोगों के साथ बैठना सही है. इसलिए मैंने चुपचाप वहां से निकल जाना सही समझा.
उन्होंने आगे कहा,
अनुशासन और मर्यादा पार्टी के लिए बहुत ज़रूरी है. मैं सालों से एक अनुशासित कार्यकर्ता के रूप में पार्टी की विचारधारा के लिए काम कर रहा हूं. पार्टी की ज़िला इकाई को इस बारे में सावधान रहना चाहिए. वरना पार्टी को इसकी कीमत चुकानी पड़ेगी.
शिवेंद्र सिंह ने कहा कि वो लंबे समय से BJP के सदस्य के रूप में जुड़े हुए हैं. फिलहाल वो ब्लॉक प्रमुख संघ के ज़िला अध्यक्ष हैं. उन्होंने बताया,
मैं उस दिन मंच पर मौजूद था. मैं लंबे समय से उनके साथ चुनाव में जुड़ा रहा हूं, लेकिन उन्हें कभी कोई परेशानी नहीं हुई. मुझे लगता है कि उनका बयान उनकी बढ़ती उम्र को दिखाता हो. संविधान पर उनकी टिप्पणी के कारण ही पार्टी को हार का सामना करना पड़ा. मेरे साथ और इससे भी गंभीर मामलों का सामना कर रहे लोगों के साथ उनकी तस्वीरें हैं. उन्हें पहले किसी को माफिया कहने के अपने मापदंड स्पष्ट करने चाहिए.
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वहीं, BJP ज़िला अध्यक्ष संजीव सिंह ने कहा कि पार्टी के अंदरुनी मसलों को उठाने का एक निश्चित तरीका होता है. सबको उसी हिसाब से चलना चाहिए. बताते चलें, प्रेस कॉन्फ्रेंस 4 सितंबर को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के अयोध्या दौरे से एक दिन पहले आयोजित की गई थी. यहां BJP मिल्कीपुर विधानसभा सीट जीतने के लिए हरसंभव प्रयास कर रही है. CM ख़ुद इस सीट की कमान संभाले हुए हैं. यहां तक कि कुछ मंत्रियों को भी वहां डेरा डालने को कहा गया है. मिल्कीपुर विधानसभा सीट तत्कालीन सपा विधायक अवधेश प्रसाद के लोकसभा चुनाव जीतने के चलते खाली हुई है.
2024 में हुए लोकसभा चुनाव में वैसे तो BJP को पूरे उत्तर प्रदेश में ही नुक़सान हुआ. लेकिन जिन सीटों की सबसे ज़्यादा चर्चा हुई, उनमें से एक फ़ैज़ाबाद की भी रही.अयोध्या में राममंदिर बनने के बाद BJP का वहां जीतना लगभग तय माना जा रहा था, लेकिन हुआ एकदम उलट. लल्लू सिंह को लोकसभा चुनाव में फैजाबाद से समाजवादी पार्टी के अवधेश प्रसाद ने बुरी तरह हरा दिया.
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