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क्या ऑस्ट्रेलिया की इस चीटिंग से इंडिया पर्थ टेस्ट हारने जा रही है?

एक कैच ने पूरा मैच बदल दिया है.

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कैच लेने के बाद हैंड्सकॉम्ब काफी देर तक इसी तरह हाथ दिखाते रहे.
पर्थ टेस्ट का तीसरा दिन खत्म हुआ और यहां मैच ऑस्ट्रेलिया के पाले में जाता दिख रहा है. स्टंप्स तक ऑस्ट्रेलिया ने चार विकेट खोकर 132 रन बना लिए हैं और पहली पारी की 43 रनों की लीड मिलाकर अब ऑस्ट्रेलिया 175 रनों की लीड ले चुकी है जो पर्थ की इस अजीबोगरीब बाउंस और लो वाली पिच पर चौथी पारी में बड़ा स्कोर है. अगर ऑस्ट्रेलिया ने यहां 300 रनों का टारगेट भी दिया तो इंडिया के लिए यहां इतने रन बनाना आसान नहीं होगा.
तीसरे दिन की शुरुआत विराट कोहली और अजिंक्य रहाणे की बल्लेबाजी से हुई. 172/3 के आगे खेलते हुए रहाणे का विकेट तुरंत गिर गया. नेथन लायन ने टिम पेन के हाथों रहाणे को कैच करवा दिया. रहाणे कल के अपने 51 के स्कोर में एक भी रन नहीं जोड़ पाए. फिर हनुमा विहारी ने कोहली का साथ देने की कोशिश की और 20 रन बनाकर आउट हो गए. दूसरे छोर पर कोहली ने अपना 25वां शतक पूरा कर लिया. सर डॉन ब्रेडमैन के बाद अगर किसी बल्लेबाज ने सबसे तेज 25 टेस्ट शतक बनाए हैं तो वो कोहली हैं. ब्रेडमैन ने 68 टेस्ट पारियों में इतने शतक बनाए थे. कोहली ने 127 टेस्ट पारियों में ये मुकाम हासिल किया है.इसके बाद नंबर तेंडुलकर और गावस्कर का आता है. तेंडुलकर ने 130 और गावस्कर ने 138 टेस्ट पारियों में इतने शतक बनाए थे. इसके अलावा कोहली ने बतौर कप्तान 5000 टेस्ट रन भी पूरे कर लिए हैं.
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शतक बनाने के बाद कोहली.

कोहली ने शतक तो बना लिया मगर यहां जब वो 123 पर पहुंचे थे तो पीटर कमिन्स की गेंद पर कोहली का बल्ला लगा और सेकंड स्लिप पर खड़े हैंड्सकॉम्ब के हाथों तक गेंद पहुंच गई. मगर इस पर काफी बवाल हुआ कि ये एक क्लीन कैच था या नहीं. गेंद फील्डर के हाथों में जाने से पहले जमीन पर टकराई थी या नहीं, इसका कोई कन्क्लूसिव सबूत थर्ड अंपायर को नहीं मिला इसलिए फील्ड अंपायर के सॉफ्ट सिग्नल को ही माना गया और कोहली आउट करार दिए गए. हालांकि कोहली इससे कतई कनविंस दिखे, मगर इंडिया के लिए ये बड़ा झटका था. कोहली आउट हुए तो इंडिया का स्कोर 251/6 हो गया.
फिर गेंदबाजी में मोर्चा संभाला नेथन लायन ने और इस स्पिनर ने एक के बाद एक 5 विकेट ले लिए. दिन का पहला विकेट रहाणे का लिया, उसके बाद शमी, इशांत, पंत और बुमराह को भी पवेलियन लौटा दिया. इस तरह इंडिया की पारी 283 रनों पर सिमट गई और ऑस्ट्रेलिया को 43 रनों की लीड मिल गई जो इंडिया पर भारी पड़ने वाली थी. नेथन लायन ने इस सीरीज में अभी तक 13 विकेट ले लिए और अभी एक पारी और दो टेस्ट बाकी हैं.
फिर दूसरी पारी में बैटिंग करने आई ऑस्ट्रेलिया. एरॉन फिंच और मारकस हैरिस पर जसप्रीत बुमराह और इशांत शर्मा ने तेज गेंदों के खूब बम बरसाए. मगर ये दोनों इस अटैक को झेल गए. पर्थ की पिच तीसरे दिन और खतरनाक होती दिखी. पारी का 8वां ओवर था जिसे बुमराह फेंक रहे थे और आखिर गेंद को अजीबोगरीब उछाल मिला. मारकस हैरिस इसे पढ़ नहीं पाए और इस कन्फ्यूजन में कि गेंद को छोड़ें या खेलें, हैरिस ने गेंद के आगे अपना सिर कर दिया. 144 kph की रफ्तार वाली ये गेंद सीधे हैलमेट पर लगी और मारकस हैरिस जमीन पर लेट गए. गेंद इतनी जोर से टकराई थी कि उन्हें हैलमेट खोलकर चेंज करना पड़ा. ये देख विराट कोहली समेत टीम इंडिया के खिलाड़ी भी चौंक गए कि यहां बल्लेबाज की हल्की सी चूक भी जानलेवा हो सकती थी. हैरिस ने हैलमेट बदला और फिर से बैटिंग करने लगे.
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बाएं मारकस हैरिस और दाएं चोटिल उंगली के साथ एरॉन फिंच.

इसी तरह पारी का 13वां ओवर मोहम्मद शमी फेंक रहे थे. सामने एरॉन फिंच थे. और वो 25 रन बना चुके थे. शमी की गेंद को अचानक उछाल मिला और फिंच गेंद को जज नहीं कर पाए. वो सीधे उनके बाएं हाथ की उंगली पर लगी. जब ग्लव उतारा तो पता चला कि इंडेक्स फिंगर पर चोट लग गई है. जैसा कि तस्वीर में दिख रहा है, फिंच की उंगली में चोट का निशान है. इसके बाद फिजियो मैदान पर आए और फिंच को रिटायर्ड हर्ट घोषित कर वापस ले जाया गया. टी ब्रेक हो गया और तब तक ऑस्ट्रेलिया का स्कोर 33/0 था. अगर फिंच की ये चोट जल्दी ठीक नहीं हुई तो हो सकता है वो मेलबर्न टेस्ट से बाहर हो जाएं.
फिंच रिटायर्ड हर्ट हुए और फिर मारकस हैरिस को बुमराह की अंदर आती गेंद चकमा देकर बोल्ड कर गई. फिर आए उस्मान ख्वाज़ा जिनका बल्ला भी इसी पारी में चलना था. 41 रन मार कर नाबाद हैं. शॉन मार्श को शमी ने आउट किया और हैंडकॉम्ब के पास इशांत की इस गेंद का कोई जवाब नहीं था. शमी ने ट्रेविस हेड को भी निपटा दिया. दिन खत्म होने तक ऑस्ट्रेलिया ने 4 विकेट के नुकसान पर 132 रन बना लिए हैं. कुल लीड 175 की हो चुकी है.
इस पिच पर चौथी पारी में 250 से ऊपर का टारगेट अगर इंडिया को मिला तो मैच बचाना मुश्किल हो जाएगा. खैर, मुश्किलों से बाहर निकल कर जीत हासिल करना ही टेस्ट क्रिकेट का असली चार्म है. उम्मीद कीजिए कि चौथे दिन इंडियन बॉलर्स जल्दी विकेट निकालें और फिर बल्लेबाज टिककर रन बनाएं.

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