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भारत ने अटारी बॉर्डर बंद किया, पाकिस्तान को कितना नुकसान होगा?

Pahalgam टैरर अटैक के बाद भारत सरकार ने बड़ा एक्शन लिया है. विदेश सचिव ने जानकारी दी है कि सरकार ने Attari Border को बंद कर दिया है. इस रास्ते से भारत-पाकिस्तान के बीच व्यापार होता है. ये बॉर्डर बंद होने के बाद Pakistan के साथ व्यापार पर क्या असर होगा? आइए जानते हैं.

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भारत ने अटारी बॉर्डर किया सील. (तस्वीर-इंडिया टुडे)

जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकवादी हमले के बाद भारत ने पाकिस्तान के साथ लगता अटारी बॉर्डर बंद कर दिया है. इस बॉर्डर के जरिए पाकिस्तान से व्यापार होता था. 23 अप्रैल की शाम को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में कैबिनेट कमेटी ऑन सिक्योरिटी (CCS) की बैठक हुई, जिसमें गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और विदेश मंत्री एस. जयशंकर भी मौजूद थे. इसके कुछ ही देर बाद विदेश मंत्रालय ने एक ब्रीफिंग में जानकारी दी कि भारत सरकार ने अटारी बॉर्डर को बंद करने का फैसला किया है.

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भारत की तरफ अटारी बॉर्डर है, जबकि पाकिस्तान की तरफ वाघा बॉर्डर. पाकिस्तान के साथ व्यापार के लिए ये बॉर्डर सबसे अहम रास्ता माना जाता है. भारत के विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने CCS के तहत लिए गए फैसलों की जानकारी देते हुए बताया,

इंटिग्रेटेड चेक पोस्ट अटारी को तत्काल प्रभाव से बंद कर दिया जाएगा. जो लोग वैलिड एंडोर्समेंट के साथ सीमा पार कर चुके हैं, वे 1 मई 2025 से पहले उस रास्ते (अटारी) से वापस हो सकते हैं.

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अब सवाल उठता है कि इस फैसले से दोनों देशों के बीच होने वाले व्यापार पर क्या असर पड़ेगा? टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, अटारी बॉर्डर ही एकमात्र जमीनी रास्ता है, जिससे भारत और पाकिस्तान के बीच व्यापार की इजाजत है. भारत यहां से पाकिस्तान को सोयाबीन, मुर्गे का दाना, सब्जियां, प्लास्टिक दाना, प्लास्टिक यार्न, लाल मिर्च जैसी चीजें भेजता है.

वहीं, पाकिस्तान से भारत में ड्राय फ्रूट्स, खजूर, नमक, सीमेंट, ग्लास, रॉक साल्ट और हर्ब्स जैसी चीजें आती हैं. हालांकि, 2018-2019 के बाद से इंपोर्ट-एक्सपोर्ट में गिरावट आई है. पिछले साल यानी 2023-24 में अटारी-वाघा कॉरिडोर से करीब 3,886.53 करोड़ रुपये का व्यापार हुआ था. 6,871 कार्गो गाड़ियां यहां से गुजरीं, और 71,563 से ज्यादा लोग इस रास्ते से आए-गए.

अब जब ये बॉर्डर बंद हो रहा है, तो सबसे ज्यादा दिक्कत छोटे व्यापारियों और उन उद्योगों को होगी जो रोजमर्रा के सामान का कारोबार इसी रास्ते से करते हैं. खासकर वे व्यापारी जो अफगानिस्तान से होकर आने वाले सामान पर निर्भर हैं. उनके लिए ये फैसला झटका साबित हो सकता है, क्योंकि अफगानी सामान भी पाकिस्तान के रास्ते अटारी बॉर्डर से भारत आता है.

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हालांकि, सरकार ने ये साफ किया है कि जो लोग वैध दस्तावेज के साथ पाकिस्तान गए हुए हैं, वो 1 मई 2025 तक इसी रास्ते से वापस आ सकते हैं.

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