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अतीक के बेटे का एनकाउंटर किया था, अब उन पुलिसवालों को राष्ट्रपति अवॉर्ड मिलेगा

Asad Ahmed Encounter Case में 17 पुलिसकर्मी शामिल थे, इन सबको अब President Gallantry medal मिलेगा.

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13 अप्रैल, 2023 को ये एनकाउंडर हुआ था. (फ़ाइल फ़ोटो - इंडिया टुडे)

माफिया अतीक़ अहमद के बेटे असद अहमद और शूटर मोहम्मद ग़ुलाम को एनकाउंटर में मारने वाले पुलिसवालों को प्रेसिडेंट गैलेंट्री मेडल देने की घोषणा हुई है (Atiq Ahmed's son Asad encounter case Police President Gallantry medal). एनकाउंटर करने वाली STF टीम के 6 मेंबर्स और दूसरे पुलिसकर्मियों समेत कुल 17 लोग इसमें शामिल थे. इन पुलिसकर्मियों को अब राष्ट्रपति का वीरता पदक मिलेगा. 13 अप्रैल, 2023 को हुए पुलिस एनकाउंटर में माफिया अतीक़ अहमद के बेटे असद अहमद (Asad Ahmed Encounter) और शूटर मोहम्मद ग़ुलाम को मार गिराया गया था.

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CO नवेंदु सिंह और विमल कुमार सिंह इस टीम को लीड कर रहे थे. उनकी पूरी टीम को प्रेसिडेंट गैलेंट्री मेडल दिया जाएगा. आजतक की ख़बर के मुताबिक़, जिन पुलिसकर्मियों को प्रेसिडेंट गैलेंट्री मेडल मिला है, उनमें ये लोग शामिल हैं- जीतेंद्र कुमार सिंह, राकेश कुमार सिंह चौहान, अनिल कुमार, हरिओम सिंह, जीतेंद्र प्रताप सिंह, विपिन कुमार, विमल कुमार सिंह, नवेंदु कुमार, ज्ञानेंद्र कुमार राय, अनिल कुमार सिंह, सुनील कुमार ,सुशील कुमार ,राजीव चौधरी ,जयवीर सिंह ,रईस अहमद, अरुण कुमार, अजय कुमार. केंद्र सरकार ने 14 अगस्त को स्वतंत्रता दिवस के पहले केंद्रीय और राज्य पुलिस बलों के कर्मियों के लिए 1,037 सर्विस मेडल्स की घोषणा की है. इसमें 208 वीरता पदक शामिल हैं.

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17 पुलिस अफ़सरों को मेडल. (फ़ोटो - आजतक)

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क्या था मामला?

24 फ़रवरी, 2023 को उमेश पाल पर उनके घर के बाहर हमला हुआ था. हमले के समय के CCTV में असद अहमद और मोहम्मद ग़ुलाम, दोनों गोलियां चलाते दिखे. इसके बाद से ही यूपी पुलिस दोनों की तलाश कर रही थी. 13 अप्रैल को यूपी पुलिस ने दावा किया कि स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने असद और गुलाम को झांसी में एक एनकाउंटर के दौरान मार गिराया. STF टीम को असद और ग़ुलाम के पास से एक ब्रिटिश Bulldog रिवॉल्वर और Walhther पिस्टल बरामद हुई थी. दोनों आरोपियों पर पुलिस ने 5 लाख रुपये का इनाम घोषित किया था.

उमेश पाल हत्याकांड क्या है?

दरअसल, 2005 में BSP विधायक राजू पाल की हत्या हुई थी. उस केस का मुख्य गवाह उमेश पाल ही था. उमेश पाल और उसके सरकारी गनर की 24 फरवरी की शाम को प्रयागराज में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी. उमेश गाड़ी से उतर ही रहा था, तभी बदमाशों ने उन पर फायरिंग कर दी. पाल को तुरंत स्वरूपरानी नेहरू अस्पताल ले जाया गया. वहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई. पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में पता चला कि पाल को सात गोलियां मारी गई थीं.

वीडियो: अतीक मर्डर पर सुप्रीम कोर्ट ने UP पुलिस से जवाब मांगा, पूरा डाटा लाने को कहा

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