गैंगस्टर अतीक अहमद अपने बेटे असद के जनाजे में शामिल नहीं हो पाएगा. असद के शव को किसी करीबी रिश्तेदार को सौंपा जाएगा. इंडिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक अतीक अहमद बेटे के जनाजे में जाना चाहते था लेकिन देर होने की वजह से कोर्ट में पत्र दाखिल नहीं हो पाया. और 14 अप्रैल को कोर्ट बंद है. 13 अप्रैल को यूपी पुलिस ने बताया कि असद और उसके एक सहयोगी गुलाम मोहम्मद को झांसी में एक एनकाउंटर के दौरान मार दिया गया. दोनों उमेश पाल मर्डर केस में आरोपी थे.
आखिरी बार बेटे असद का चेहरा भी नहीं देख पाएगा अतीक अहमद, किस वजह से अटका मामला?
असद के शव को किसी करीबी रिश्तेदार को सौंपा जाएगा.


इंडिया टुडे से जुड़े संतोष कुमार शर्मा की रिपोर्ट के मुताबिक, असद और गुलाम का पोस्टमार्टम झांसी मेडिकल कॉलेज में होगा. असद के नाना हारून और मौसा डॉक्टर उस्मान उसकी बॉडी लेने झांसी जा सकते हैं. पुलिस डॉक्टरों के पैनल से पोस्टमार्टम कराएगी और इस पूरी प्रक्रिया की वीडियोग्राफी होगी.
यूपी पुलिस के रिटायर्ड IG आरके चतुर्वेदी ने इंडिया टुडे को बताया कि पोस्टमार्टम कराने के बाद असद और गुलाम मोहम्मद के परिवार वालों को पुलिस सूचना देगी कि उनके शव झांसी के पोस्टमार्टम हाउस में रखे हैं. असद के मामले में पुलिस इसकी सूचना अतीक अहमद को जेल में देगी. चूंकि अतीक अहमद के परिवार में सिर्फ उसकी पत्नी जेल के बाहर है. पुलिस पत्नी की भी तलाश कर रही है. ऐसे में अगर अतीक अहमद अपने किसी रिश्तेदार को शव देने के लिए नामित करता है तो वह असद का शव लेकर अंतिम संस्कार करेगा.
आरके चतुर्वेदी के मुताबिक, अगर अतीक अहमद खुद अंतिम संस्कार करने की इच्छा जाहिर करेगा तो कोर्ट को सूचित कर ये कराया जा सकता है. हालांकि कोर्ट में पत्र दाखिल नहीं होने के कारण अब ये संभव नहीं है. अगर अतीक अहमद शव का अंतिम संस्कार कराने से मना करता है तो पुलिस झांसी की मुस्लिम इंतजामिया कमेटी से गुजारिश कर उसके शव का अंतिम संस्कार करा सकती है.
गुलाम मोहम्मद के शव का क्या होगा?वहीं गुलाम मोहम्मद के परिवार ने घर पर बुलडोजर चलने के दौरान कहा था कि अगर पुलिस एनकाउंटर में वह मारा जाता है तो वे ना उसका चेहरा देखेंगे, ना शव को लेंगे. कानूनी प्रक्रिया के मुताबिक, अज्ञात शव होने पर पोस्टमार्टम कराने के बाद बॉडी 3 दिन तक पोस्टमार्टम हाउस में रखी जाएगी. 3 दिन तक परिवार वालों का इंतजार होगा. 3 दिन बाद भी अगर कोई शव को लेने नहीं आता है तो पुलिस सरकारी खर्च से शव का अंतिम संस्कार कराती है.
यूपी पुलिस ने दावा किया कि स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने असद और गुलाम को झांसी में एक एनकाउंटर के दौरान मार गिराया. दोनों आरोपियों पर पुलिस ने 5 लाख रुपये का इनाम घोषित किया था. 24 फरवरी को हुए उमेश पाल हत्याकांड में यूपी पुलिस दोनों की तलाश कर रही थी. STF के एडीजी अमिताभ यश ने दावा किया कि असद को जिंदा पकड़ने की कोशिश की गई थी और उससे सरेंडर करने को भी कहा गया था, लेकिन उसने ऐसा नहीं किया.
वीडियो: अतीक अहमद के अपराध और राजनीति की पूरी कहानी,क्या इस बड़े नेता ने उसे शह दिया?


















