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राहुल ने अरुण जेटली पर लगाए धमकाने के आरोप, उनके बेटे ने जवाब में लंबा पोस्ट लिख दिया

राहुल गांधी ने दावा किया है कि वह कृषि कानूनों का विरोध कर रहे थे, तब अरुण जेटली को उन्हें धमकाने के लिए भेजा गया था.

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2019 में अरुण जेटली निधन हो गया था. (India Today)

नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने दिवंगत बीजेपी नेता अरुण जेटली पर गंभीर आरोप लगाए. अब इस पर जेटली के बेटे रोहन जेटली का बयान आया है. रोहन ने राहुल गांधी के बयान का खंडन किया है और आरोपों को निराधार बताया है. राहुल गांधी ने आरोप लगाया था है तीन कृषि कानूनों के विरोध को लेकर सरकार ने उन्हें धमकाने के लिए अरुण जेटली को भेजा था.

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लीगल कॉन्क्लेव 2025 में कांग्रेस नेता ने कहा,

"जब मैं कृषि कानूनों का विरोध कर रहा था, तब अरुण जेटली को मुझे धमकाने के लिए भेजा गया. उन्होंने मुझसे कहा कि अगर तुम सरकार का विरोध करते रहे, और कृषि कानूनों के खिलाफ लड़ते रहे, तो हमें तुम्हारे खिलाफ कार्रवाई करनी पड़ेगी. मैंने उनकी आंखों में देखकर कहा कि आपको शायद अंदाज़ा नहीं है कि आप किससे बात कर रहे हैं."

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इस पर अरुण जेटली के बेटे रोहन जेटली ने राहुल गांधी के बयान को खारिज करते हुए सोशल मीडिया पर लिखा कि उनके पिता का निधन 2019 में हुआ था, जबकि कृषि कानून 2020 में लाए गए थे. उन्होंने कहा कि उनके पिता का स्वभाव कभी भी किसी को धमकाने का नहीं था, बल्कि वे लोकतांत्रिक मूल्यों में विश्वास रखते थे और हमेशा विचार-विमर्श से समाधान निकालते थे.

राहुल गांधी अब दावा कर रहे हैं कि मेरे दिवंगत पिता अरुण जेटली ने उन्हें कृषि कानूनों को लेकर धमकाया था. मैं उन्हें याद दिला दूं कि मेरे पिता का निधन 2019 में हो गया था, जबकि कृषि कानून 2020 में लाए गए थे.

इससे भी महत्वपूर्ण बात यह है कि मेरे पिता का स्वभाव कभी किसी के विरोधी विचारों को लेकर धमकाने वाला नहीं था. वे एक कट्टर लोकतंत्रवादी थे और हमेशा सर्वसम्मति बनाने में विश्वास रखते थे. अगर ऐसी कोई स्थिति आती भी तो वे खुले और स्वतंत्र विचार-विमर्श को आमंत्रित करते ताकि सभी के लिए एक स्वीकार्य समाधान निकाला जा सके. वही उनके स्वभाव की पहचान थी और वही उनकी आज भी जीवित विरासत है.

मैं राहुल गांधी से यह अपेक्षा करता हूं कि वे उन लोगों के बारे में बोलते समय अधिक संवेदनशीलता और जिम्मेदारी दिखाएं जो अब हमारे बीच नहीं हैं. उन्होंने मनोहर पर्रिकर जी के अंतिम दिनों को भी इसी तरह राजनीति में घसीटने की कोशिश की थी, जो उतनी ही असंवेदनशील हरकत थी.

बीजेपी आईटी सेल के प्रमुख अमित मालवीय ने भी राहुल गांधी पर हमला करते हुए उनके बयान को “फेक न्यूज” बताया. उन्होंने लिखा

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"फेक न्यूज अलर्ट: राहुल गांधी दावा कर रहे हैं कि अरुण जेटली ने उनसे 2020 के कृषि कानूनों पर विरोध कम करने के लिए संपर्क किया था. आइए सच्चाई जानें, अरुण जेटली जी का निधन 24 अगस्त 2019 को हुआ था. ड्राफ्ट फार्म बिल 3 जून 2020 को कैबिनेट में लाए गए और सितंबर 2020 में कानून बने."

बीजेपी ने कहा कि राहुल गांधी तथ्यात्मक रूप से गलत जानकारी दें रहे हैं.

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