अमेरिकी स्पेस एजेंसी नासा ने 1 अप्रैल को अपना मून मिशन शुरू कर दिया है. नासा के इस मिशन का नाम आर्टेमिस II है. आर्टेमिस II ने अमेरिका के केनेडी स्पेस सेंटर से सफलतापूर्वक उड़ान भरी है. स्पेस लॉन्च सिस्टम और ओरियन अंतरिक्ष यान के जरिए चार अंतरिक्ष यात्री एक ऐतिहासिक यात्रा गए हैं. इस मिशन पर रीड वाइजमैन, विक्टर ग्लोवर, क्रिस्टीना कोच और जेरेमी हैनसेन को भेजा गया है.
नासा ने 50 साल बाद लॉन्च किया मून मिशन, लोगों को चांद पर भेजने की तैयारी शुरू
NASA के इस मिशन का नाम Artemis II है. आर्टेमिस II ने अमेरिका के केनेडी स्पेस सेंटर से सफलतापूर्वक उड़ान भरी है. स्पेस लॉन्च सिस्टम और ओरियन अंतरिक्ष यान के जरिए चार अंतरिक्ष यात्री एक ऐतिहासिक यात्रा गए हैं.


नासा की ऑफिशियल वेबसाइट के मुताबिक यह पूरा मिशन लगभग 10 दिनों का होगा. इस मिशन का मकसद भविष्य में होने वाले मून मिशंस के लिए जरूरी सिस्टम्स को टेस्ट करना है. और आखिर में मंगल ग्रह पर इंसानी मिशन भेजने का रास्ता तैयार करना इस मिशन का टारगेट है. खास बात ये है कि इस मिशन के साथ, अमेरिका Apollo मिशन के लगभग 50 साल बाद मून मिशन के क्षेत्र में वापसी कर रहा है.
इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक इस मिशन के साथ ही NASA एक और ऐतिहासिक मील का पत्थर भी हासिल करने जा रहा है. नासा ने इस मून मिशन पर पहली महिला, पहले अश्वेत व्यक्ति और पहले गैर-अमेरिकी अंतरिक्ष यात्री को भेजा है. चार सदस्यों वाले इस क्रू में तीन अमेरिकी और एक कनाडाई नागरिक शामिल है. ये लोग इस मिशन के दौरान चांद के पास से गुजरेंगे, लेकिन उतरेंगे नहीं.
आर्टेमिस II, नासा के SLS रॉकेट और Orion अंतरिक्ष यान का इस्तेमाल करके किया जाने वाला पहला मानव मिशन है. इसमें जाने वाले अंतरिक्ष यात्री भविष्य के मिशनों की तैयारी के लिए उन सिस्टम्स की जांच करेंगे, जिसमें आर्टेमिस के आने वाला वर्जन IV शामिल है. आर्टेमिस IV का लक्ष्य 2028 में चांद पर उतरना है. उड़ान के बाद जैसे ही Artemis II ने अपने अंतिम क्षणों में प्रवेश किया, वैसे ही NASA के Ground Launch Sequencer ने ऑटोमैटिक स्टेज के तहत पूरा कंट्रोल अपने हाथ में ले लिया. यही इस मिशन की सबसे दिलचस्प बात भी है कि इसमें नासा अपने ऑटोमैटिक सिस्टम्स को भी टेस्ट कर रही है. इस मिशन के साथ नासा ने भविष्य के मिशंस के लिए रास्ता खोल दिया है.

इस ऐतिहासिक मौके पर प्रेसिडेंट डॉनल्ड ट्रंप ने भी नासा को बधाई दी है. साथ ही उन्होंने अंतरिक्ष यात्रियों की सलामती के लिए प्रार्थना भी की है. उन्होंने ट्रुथ सोशल पर लिखा, ‘Artemis II, जो अब तक बने सबसे शक्तिशाली रॉकेटों में से एक है, हमारे बहादुर अंतरिक्ष यात्रियों को गहरे अंतरिक्ष में इतनी दूर ले जा रहा है, जहां तक कोई भी इंसान पहले कभी नहीं गया है. हम जीत रहे हैं, अंतरिक्ष में, धरती पर और इन दोनों के बीच हर जगह. हम आर्थिक, सैन्य और अब सितारों से आगे भी जीत रहे हैं. कोई हमारे आसपास भी नहीं है! अमेरिका सिर्फ मुकाबला नहीं करता, हम अपना दबदबा बनाते हैं और पूरी दुनिया इसे देख रही है.’
वीडियो: नासा के James Webb Space Telescope का कमाल, ब्रह्मांड की ऐसी तस्वीरें कभी ना देखी होंगी!






















