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हिंदी के लिए भरे कोर्ट में जज से भिड़ गया वकील, VIDEO वायरल हो गया!

'आपको हिंदी नहीं आती और मुझे अंग्रेजी.'

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जज और वकील की बहस का वीडियो वायरल है. (फोटो: वायरल वीडियो से स्क्रीनशॅाट)

एक वीडियो वायरल (Video Viral) हो रहा है. एक वकील और एक जज का. भाषा को लेकर बात हो रही है. वीडियो पटना हाईकोर्ट का है. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, 29 अगस्त 2022 को ये वीडियो यूट्यूब पर शेयर किया गया था. वीडियो में वकील अपनी बारी आने पर हिंदी में बात करते हैं लेकिन जज अंग्रेजी में. दरअसल, 30 जून 2022 के एक केस का अंग्रेजी में ट्रांसलेशन करने का काम वकील को दिया गया था. उसी पर सुनवाई थी. वकील ने कहा,

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‘इस केस का ट्रांसलेशन करने का काम ऐसे व्यक्ति को दिया गया है, जो अंग्रेजी जानता नहीं है.’

इस बात पर जज ने कहा,

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‘आपको ट्रांसलेशन कॉपी देने का निर्देश दिया गया था. ट्रांसलेशन कॅापी कहां है?’

वकील ने कहा कि इस आर्डर को वापस लेने के लिए IA (इंटरलोक्यूटरी एप्लिकेशन) फाइल किया गया है. ट्रांसलेशन करने का काम ट्रांसलेशन विभाग को सौंपने के लिए. जज ने इस बात पर वकील से सवाल करते हुए पूछा कि वो ट्रांसलेशन कॉपी देंगे या नहीं? जज अपनी बात पर अड़े रहे और वकील अपनी पर. वीडियो में आगे जज ने फुल बैंच डिसीज़न की कॉपी मांगी और आर्डर रिजेक्ट करने की बात कही.

काफी बहस के बाद वकील ने आगे कहा कि आजादी के पहले से पटना हाईकोर्ट में हिंदी में आवेदन दाखिल हुए हैं और बिना अंग्रेजी ट्रांसलेशन के उनपर सुनवाई हो रही है. आगे जब वकील IA हिंदी में पढ़ रहे थे तो जज ने पूछा,

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'क्या आपको लगता है मुझे सब समझ आ रहा है? आप फालतू में क्यों पढ़ रहे हो? मुझे कुछ समझ नहीं आ रहा है.'

इस पर वकील ने कहा,  

‘तो हुज़ूर यही तो रोना है. हम भी अंग्रेजी नहीं समझ रहे ठीक से.’

इसके बाद जज ने वकील को याचिका के कुछ पन्ने पढ़ने को कहा और आर्डर को रिजेक्ट कर दिया.

वीडियो वायरल होने के बाद लोगों ने भी अलग-अलग कॉमेंट्स किए. मोहन नाम के यूजर ने कहा, 

‘हर एक भाषा का, हर एक राज्य के लिए, एक विशेष स्थान है. इससे भाषा का महत्व दिखता है और हर भाषा का सम्मान होना चाहिए.’

अनुज गुप्ता नाम के यूजर ने वकील की बात यही तो रोना है की तारीफ करते हुए कहा,

‘छा गए वकील साहब…हैं यही तो रोना है.’

केशव नाम के यूजर ने लिखा,

‘गज़ब वकील साहब, गर्दा उड़ा दिया आपने तो. छा गए हो.’

सुमित कुमार ने लिखा,

‘हिंदी भाषा के लिए क्या लड़ाई लड़ी है.’

वैसे जाते-जाते वकील ने जज को हिंदी में स्वर्ण सिंह बग्गा का केस याद दिला दिया. जिसमें कहा गया है कि हिंदी में आवेदन दाखिल पर कोई रोक नहीं है और ना ही किसी व्यक्ति पर हिंदी में कोई तर्क रखने पर कोई रोक है. 

वीडियो: वकील और जजों के वो बयान, जिन पर बवाल मचा, फायदा भी हुआ?

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