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इस डायरेक्टर ने बताया CAA, JNU पर शाहरुख और आमिर का चुप रहना एकदम सही है

पांच साल पहले बोले थे पर कोई उनके साथ खड़ा नहीं हुआ था.

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शाहरुख और आमिर खान सोशल मीडिया पर एक्टिव हैं, लेकिन दोनों ही स्टार्स ने नागरिकता संशोधन कानून या छात्रों के साथ हिंसा पर कोई ट्वीट नहीं किया है.

नागरिकता संशोधन कानून (CAA) और जामिया, AMU और JNU जैसे यूनिवर्सिटीज़ में छात्रों पर हुई हिंसा के खिलाफ बॉलीवुड खुलकर सामने आया है. स्वरा भास्कर, तापसी पन्नू, राजकुमार राव, ऋचा चड्ढा, परिणीति चोपड़ा, शबाना आजमी, संध्या मृदुल, जावेद अख्तर, अनुराग कश्यप और अनुभव सिन्हा ने ट्विटर और इंटरव्यूज में अपना विरोध जाहिर किया है. लेकिन शाहरुख, सलमान और आमिर खान की चुप्पी पर कई लोगों ने सवाल खड़े किये हैं.

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खुद अनुभव सिन्हा ने 17 दिसंबर को शाहरुख, आमिर, सलमान और अमिताभ बच्चन जैसे स्टार्स पर टार्गेट करते हुए ट्वीट किया था.

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दिसंबर, 2019 में एक इंटरव्यू में अनुभव ने कहा था-
हम ये नहीं कह रहे हैं कि वो हमारा या किसी और का पक्ष लें. उनकी राय हमसे बिल्कुल उलट भी हो सकती है, लेकिन इन परिस्थितियों पर वो कम से कम अपनी बात तो रखें. ये तीनों एक्टर्स और इनकी फैन फॉलोइंग अलग लेवल की है. इनका एक शब्द करोड़ों को प्रभावित कर सकता है. लेकिन मैं समझ सकता हूं कि ये क्यों चुप हैं. मैं इनसे नाराज़ नहीं हूं.
अब अनुभव सिन्हा ने एक ट्वीट किया है. जो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है. उन्होंने अपने ट्वीट में बताया है कि आज आमिर और शाहरुख चुप क्यों हैं.

उन्होंने लिखा-

क्या आपको याद है कि पांच साल पहले भारत के ही दो सुपरस्टार ने एक शब्द का प्रयोग किया था, जिसे लेकर उनकी खूब आलोचना हुई थी और कोई भी उनके लिए खड़ा नहीं हुआ था. कोई भी नहीं. वो स्टार कोई और नहीं, बल्कि शाहरुख खान और आमिर खान थे. वह शब्द था 'असहिष्णुता' और वो बिल्कुल सही थे.

शाहरुख खान और आमिर खान ने नवंबर 2015 में असहिष्णुता पर बयान दिए थे. इनपर दोनों की खूब आलोचना हुई थी.

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शाहरुख खान ने एक इंटरव्यू में कहा था-

असहिष्णुता है, चरम असहिष्णुता है... मुझे लगता है कि ... असहिष्णुता बढ़ रही है. यह मूर्खतापूर्ण है ... असहिष्णु होना बेवकूफी है और यह हमारा सबसे बड़ा मुद्दा है न कि केवल एक मुद्दा ... धार्मिक असहिष्णुता और इस देश में धर्मनिरपेक्ष नहीं होना सबसे बुरे प्रकार का अपराध है जिसे आप देशभक्त के रूप में कर सकते हैं.

नवंबर 2015 में ही आमिर खान ने एक इंटरव्यू में कहा था-

मैं महसूस करता हूं कि पिछले छह से आठ महीने में असुरक्षा और डर की भावना बढ़ी है. मैं घर पर जब किरण से बात करता हूं, तो वह कहती हैं कि 'क्या हमें भारत से बाहर चले जाना चाहिए?' किरण का यह कहना दुखद एवं बड़ी बात है. उन्हें अपने बच्चे की चिंता है. उन्हें भय है कि हमारे आसपास कैसा माहौल होगा. उन्हें प्रतिदिन अखबार खोलने में डर लगता है.

इस बयान के बाद शाहरुख और आमिर दोनों को काफी ज़्यादा ट्रोल किया गया है. काफी ज़्यादा परेशान किया गया था. शाहरुख की फिल्म 'दिलवाले' की रिलीज पर रोल लगाने के लिए प्रदर्शन हुए थे. वहीं आमिर खान को देश छोड़ने जैसी धमकियां मिली थीं.


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