आठों को लगी कमर के ऊपर गोली
आलम ने बुधवार को बताया कि मारे गए सारे लोगों को कमर के ऊपर गोली मारी गई थी. ज्यादातर को सिर पर और छाती में. ऐसा लगा कि सामने से फायर किये गए हों. ऐसा हो सकता है कि उन्होंने हेड कॉन्स्टेबल का मर्डर किया हो. लेकिन उसके बाद का काम मतलब एनकाउंटर स्क्रिप्टेड है.सीनियर अफसरों के बयान मैच नहीं कर रहे
ऐसा लगता है कि या तो बिना तैयारी के बयान दिए गए. या गलत बयान दिए गए. आईजी चौधरी ने कहा कि कैदी बेडशीट के सहारे भागे. लेकिन जेल में बेडशीट मिलती ही नहीं. ब्लैंकेट मिलते हैं. और सबसे अजीब है टूथब्रश से चाबी बनाकर ताले खोलना. कोई कैसे यकीन करे इस पर?भागकर एक साथ क्यों रहे?
अजीब तो ये भी है कि ये अलग क्यों नहीं हुए. इनमें से चार पहले भी भाग चुके थे. लेकिन तब वो गुट से बिखरकर भागे थे. दूसरी बात वो सुबह 10 से 11 बजे के बीच मारे गए. मतलब पहले 7-8 घंटे थे उनके पास. चाहते तो भोपाल जिला क्रॉस कर सकते थे. क्या करते रहे वो?स्टेट के एंटी टेरर स्क्वॉड मुखिया संजीव शामी ने एक टीवी चैनल को बताया कि ये SIMI मेंबर बिना हथियारों के थे. ये भी कहा कि इस एनकाउंटर में किसी पुलिस वाले को जरा भी चोट नहीं आई. जबकि आईजी योगेश चौधरी ने कहा कि दो लोगों को चोट आई थी.परवेज आलम ने कहा कि वो पिटीशन दायर करने जा रहे हैं. इसकी पूरी जांच के लिए. कोशिश करेंगे कि जांच हाईकोर्ट जज या CBI करे.
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