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अमेरिका की CIA ने अल-कायदा चीफ ज़वाहिरी को मिसाइल से मार दिया, काबुल के एक घर में छुपा था

जवाहिरी ने अमेरिका में 11 सितंबर, 2001 को हुए हमले में चार विमानों को हाईजैक करने में मदद की थी

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CIA ने ड्रोन स्ट्राइक में अलकायदा सरगना अल जवाहिरी को मारा (फोटो- आजतक)

अमेरिका (America) की केंद्रीय खुफिया एजेंसी (CIA) ने अलकायदा चीफ अयमान अल-जवाहिरी (Al Qaeda Chief Al Zawahiri) को अफगानिस्तान (Afghanistan) में मार गिराया. खबर के मुताबिक जवाहिरी को ड्रोन हमले में मारा गया है. अमेरिकी अधिकारी के मुताबिक, जवाहिरी काबुल में एक सेफहाउस में रह रहा था और दो हेलफायर मिसाइलों के हवाई हमले में उसे मारा गया है. स्ट्राइक 31 जुलाई को रात लगभग 10 बजे किया गया. बता दें जवाहिरी कभी ओसामा बिन लादेन के निजी डॉक्टर के रूप में काम करता था. ओसामा बिन लादेन के मारे जाने के बाद अयमान अल-जवाहिरी अलकायदा का चीफ बन गया था. उसकी मौत से आतंकवादी ग्रुप को बड़ा झटका लगा है.

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अल कायदा के जवाहिरी के पीछे क्यों अमेरिकी CIA

बता दें कि मूलतः मिस्र के रहने वाले डॉक्टर जवाहिरी ने अमेरिका में 11 सितंबर, 2001 को हुए हमले में चार विमानों को हाईजैक करने में मदद की थी. 2 विमान वर्ल्ड ट्रेड सेंटर के दोनों टावर्स से टकरा गए थे. तीसरा विमान अमेरिकी रक्षा मंत्रालय पेंटागन से टकराया और चौथा शेंकविले में एक खेत में क्रैश हुआ था. उस घटना में 3 हजार लोग मारे गए थे. 

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अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन ने इस ऑपरेशन के बारे में जानकारी दी और जवाहिरी के मारे जाने की पुष्टि की है. बाइडन ने ट्वीट कर लिखा-

“शनिवार को मेरे निर्देश पर अफगानिस्तान के काबुल में सफलतापूर्वक ड्रोन स्ट्राइक की गई, इसमें अलकायदा के सरगना अयमान अल-जवाहिरी की मौत हो गई. अब न्याय मिल गया है.”

जो बाइडन ने आगे कहा-

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“अमेरिका अपने नागरिकों की रक्षा करता रहेगा और हमें नुकसान पहुंचाने की कोशिश करने वालों के खिलाफ संकल्प और क्षमता का प्रदर्शन करना जारी रखेंगे. आज हमने साफ कर दिया है कि चाहे कितना भी समय लगे...कोई फर्क नहीं पड़ता कि आप कहां छिपने की कोशिश करते हैं. हम आपको ढूंढ निकालेंगे.”

अमेरिकी प्रशासन के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा-

“अमेरिका ने अफगानिस्तान में अलकायदा के खिलाफ आतंकवाद विरोधी अभियान चलाया है. ये ऑपरेशन पूरी तरह सफल रहा है और कोई नागरिक हताहत नहीं हुआ.” 

तालिबान के प्रवक्ता जबीहुल्ला मुजाहिद ने भी एक बयान में एक हमले की पुष्टि की और इसकी कड़ी निंदा की और इसे 'अंतरराष्ट्रीय सिद्धांतों' का उल्लंघन बताया. क्योंकि कुछ ही महीनों पहले अमरीका ने अफ़ग़ानिस्तान से अपनी सेनाओं को वापिस बुला लिया था, और इसके बाद से वहां तालिबान का शासन चल रहा है. इससे पहले अफगानिस्तान में पिछले 20 साल तक अमेरिकी सेना की तैनाती रही है.

देखें वीडियो- इंडियन एयर फोर्स की सर्जिकल स्ट्राइक का ओसामा बिन लादेन कनेक्शन

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