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"अपनी फिल्में देख मुझे ख़ुद से घिन आने लगी थी, आईने में देखता था तो..."

अक्षय ने बताया कि डायरेक्टर्स उन्हें सिर्फ स्टंट्स के लिए फिल्म में लेते थे. लोग उन्हें एक्टर बुलाते तक नहीं थे.

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अक्षय ने अपने लेटेस्ट इंटरव्यू में बताया कि एक्शन हीरो के ठप्पे ने उन्हें कितना परेशान किया.

Akshay Kumar को Khiladi Kumar और Action King भी कहा जाता रहा है. एक दौर था, जब एक्शन मतलब अक्षय. कुछ वक्त तो अक्षय को ये तमग़े, ये ठप्पे अच्छे लगे. मगर जैसेही एक सहृी फिल्में, और एक से रोल मिलने लगे, तो अक्षय को अपनी इसी छवि से कोफ़्त होने लगी. और उन्हीं के शब्दों में कहें, तो खुद से ‘घिन’ आने लगी. जब अपने साथ के बाक़ी एक्टर्स के लिए एक्टर और ख़ुद के लिए स्टंटमैन शब्द लगातार सुनने को मिला, तो अक्षय आईने में ख़ुद को देख कर कोसने लगे. बच्चों को मार्शल आर्ट सिखाने का काम छोड़ कर अक्षय फिल्मों में आ तो गए. मगर इंडस्ट्री के तौर-तरीक़ों के बारे में वो कुछ भी नहीं जानते थे. 

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हाल ही में शुभकर मिश्रा के पॉडकास्ट पर अक्षय ने बताया, कि वो दौर उनके लिए कितना तक‍लीफ़ भरा था. स्क्रीन इमेज बदलने के लिए वो लोगों से जा-जाकर मिले. उनसे मिन्नतें कीं. तब जाकर उन्हें एक्शन से हट कर असाइनमेंट मिले. और इंडस्ट्री को लाजवाब कॉमिक टाइमिंग वाला, इमोशनल रोल्स भी बखूबी करने वाला वर्सटाइल एक्टर नसीब हुआ. इस पॉडकास्ट पर अक्षय ने कहा,

“ज़िन्दगी में जब मैंने काम शुरू किया था, तो मैं आया था इंडस्ट्री में पैसे कमाने. मैं तो बच्चों को मार्शल आर्ट्स सिखाता था. ये बात है 1987-88 की. उस वक्त मैं इस क्लास से 4-5 हज़ार रुपये कमा लेता था. फिर किसी ने कहा कि आप मॉडलिंग क्यों नहीं करते? तब तो मुझे ये भी नहीं पता था कि मॉडलिंग चीज़ क्या है?”

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इस बातचीत में अक्षय ने बताया कि उनका पहला असाइनमेंट क्या था? उन्होंने कहा,

“पहला असाइनमेंट एक फर्निशिंग शोरूम का था. एयरकंडीशंड रूम था बढ़िया सा. एक सुंदर सी लड़की भी आई थी शूट के लिए. लाइट्स लगीं. 10-12 इधर-उधर गर्दन घुमाने को, मुड़ने को कहा, और कुछ देर बाद 21 हज़ार रुपये दे दिए. मैंने सोचा पांच हज़ार रुपये कमाने में मुझे महीना लग जाता है. इसने दो घंटे बैठने के लिए 21 हज़ार रुपये दे दिए. ये अच्छा बढ़िया है. ये करते हैं. तो फिर ऐसे करते-करते मैं फिल्मों तक पहुंचा.”

फिल्मों में अक्षय आ तो गए, मगर जल्द ही टाइपकास्ट हो गए. और इमेज बदलने में काफ़ी मुश्किलें आईं. इस बारे में अक्षय ने कहा,

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“चूंकि मेरा बैकग्राउंड मार्शल आर्ट्स का था, तो मैंने मार्शल आर्ट्स किया. यही मैं फिल्मों में भी दिखाता था. स्टंट करता था. कोई ज्यादा एक्टर्स स्टंट करते नहीं थे. चाहे वो प्लेन के ऊपर खड़े रहना हो. चाहे बहुत ऊपर से जम्प मारना हो. सारे... काम ख़ुद किए. मेरे दादा-परदादा यहां से तो हैं नहीं. मुझे फिल्म इंडस्ट्री के बारे में ज़ीरो नॉलेज था. तो बहुत सारी एक्शन फिल्में ही कर डालीं. मुझे भट्ट साहब (महेश भट्ट) की एक बात आज भी याद है. उन्होंने एक बार कहा था कि यार ये दो हीरो की फिल्म है. इसे तीन हीरो की कर देते हैं. इसमें थोड़ा एक्शन डाल देते हैं, अक्षय को ले लेंगे. तो वो मुझे लेते थे सिर्फ एक्शन के लिए.”

एक्शन के इस टैग ने अक्षय पर क्या असर किया, इसके बारे में उन्होंने कहा,

“एक दिन महसूस हुआ, कि यार मैं कर क्या रहा हूं? क्या मैं इसी के लिए बना हूं? क्या सिर्फ एक्शन ही करना है मैंने? और कुछ नहीं करना? अपने अंदर ही एक घिन आने लगी यार. बाकी सब एक्टर्स को एक्टर बुलाते हैं. और मुझे स्टंटमैन... (एक लंबा पॉज लेकर बोले) कुछ समय बाद मैंने डेविड धवन की फिल्म मिस्टर एंड मिसेज़ खिलाड़ी की. उसने मुझे थोड़ा कॉमिक रोल दिया. 'बच्चे की जान लेगा क्या...' डायलॉग इसी का था. फिर मुझे प्रियदर्शन जी मिले.  फिर मैंने मेरा करियर, मेरी लाइफ़ बदलने का सोचा-समझा रिस्क लिया.”

# लिफ्ट में लगे आईने में ख़द को देख लिया बड़ा फ़ैसला 

अक्षय ने उस वाकए के बारे में बताया, जब उल्हें लगा कि अब बस. अब एक सा काम नहीं करना है. अक्षय ने कहा,

“मुझे अब भी याद है, मैं लिफ्ट से नीचे आ रहा था. मैं अपने आप को देख रहा था लिफ्ट में लगे आईने में. मुझे घिन आती थी, कि बस सिर्फ एक्शन ही करता है. एक्शन ही करता है. बस वो 11वें फ्लोर से नीचे आते समय मैंने तय किया कि अब मुझे ख़ुद को बदलना ही होगा. रिस्क लेना ही होता. मैं स्टंट्स में इतने रिस्क लेता हूं. एक्टिंग में क्यों नहीं ले सकता. मैं जा-जाकर लोगों से मिला. उनसे बोला कि एक बार कोशिश तो करो. फिर मुझे धड़कन मिली. और रोमैंटिक फिल्में मिलीं. फिर मैंने वक्त की. फिर आहिस्ता-आहिस्ता जब पैसे जमा हुए, तो मैं अपनी फिल्में बनाने लगा.”

अक्षय उन चंद एक्टर्स में से हैं जो नॉन-फिल्मी बैकग्राउंड से आए, और एक्टर ही नहीं, सुपरस्टार भी बने. 35 साल के अपने अब तक के करियर में वो 150 फिल्में कर चुके हैं. उनके प्रेजेंट वर्कफ्रंट की बात करें, तो उनकी ‘भूत बंगला’ 17 अप्रैल को ही रिलीज़ हुई. बकौल प्रियदर्शन, तीन महीने बाद ‘हैवान’ रिलीज़ होगी. इसमें अक्षय के साथ सैफ़ अली खान ने भी काम किया है. इसके अलावा अक्षय ‘गोलमाल 5’ में भी नज़र आने वाले हैं. 

वीडियो: अक्षय कुमार ने किस थप्पड़ कांड को करियर का सबसे गलत फैसला बताया?

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