भारत के एयरक्राफ्ट एक्सीडेंट इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो (AAIB) ने एयर इंडिया प्लेन क्रैश के लिए पायलट को जिम्मेदार बताने वाली मीडिया रिपोर्ट्स को 'गलत और काल्पनिक' बताया है. इटली के एक अखबार ‘कोरिएरे डेला सेरा’ (Corriere Della Sera) ने एयर इंडिया फ्लाइट क्रैश को लेकर सनसनीखेज दावा किया था. अखबार ने अपनी एक रिपोर्ट में लिखा है कि इस एयर क्रैश की जांच कर रही टीम इस नतीजे पर पहुंची है कि यह हादसा किसी ‘टेक्निकल खराबी की वजह से नहीं हुआ’ था, बल्कि पायलट ने ‘जानबूझकर फ्यूल कंट्रोल स्विच बंद कर दिया’ था.
एयर इंडिया क्रैश: हादसे के लिए पायलट पर उंगली उठाने वाली रिपोर्ट पर AAIB का जवाब आया
एक विदेशी न्यूजपेपर रिपोर्ट में दावा किया गया कि Ahmedabad में Air India Flight Crash किसी मैकेनिकल खराबी की वजह से नहीं, बल्कि ‘जानबूझकर’ की गई एक्टिविटी के कारण हुआ था. इस हादसे में कुल 260 लोग मारे गए. फ्लाइट में सवार केवल एक पैसेंजर की जान बच पाई थी.


AAIB इस हादसे के कारणों का पता लगाने में जुटा है. इंडिया टुडे के मुताबिक उसने 12 फरवरी को बयान जारी कर कहा कि घटना की जांच अभी चल रही है और किसी भी निष्कर्ष पर नहीं पहुंची है. एजेंसी ने कहा कि जांच पूरी होने के बाद अंतरराष्ट्रीय नियमों के तहत अंतिम रिपोर्ट जारी की जाएगी. इसके साथ ही AAIB ने मीडिया से अपील की है कि वो जल्दबाजी में जांच का निष्कर्ष निकालने या कोई अनुमान लगाने से बचे.
इंडिया टुडे के मुताबिक इटैलियन अखबार ने अपनी रिपोर्ट में बताया था कि भारतीय जांच अधिकारी इस नतीजे पर पहुंचे हैं कि इंजन में फ्यूल कट-ऑफ के बाद हुआ क्रैश किसी मैकेनिकल खराबी की वजह से नहीं, बल्कि ‘जानबूझकर’ की गई एक्टिविटी के कारण हुआ था. अधिकारी अब इस मामले में अपनी फाइनल रिपोर्ट का ड्राफ्ट बनाने की तैयारी कर रहे हैं.
इटैलियन अखबार ने दावा किया कि जांच में मदद कर रहे US एक्सपर्ट्स ने इन नतीजों को 'बड़ी कामयाबी' बताया है. 12 जून 2025 को एयर इंडिया का बोइंग 787 ड्रीमलाइनर अहमदाबाद एयरपोर्ट से उड़ान भरने के कुछ ही सेकेंड बाद क्रैश हो गया. इस हादसे में कुल 260 लोग मारे गए. फ्लाइट में सवार केवल एक पैसेंजर की जान बच पाई थी.
जुलाई 2025 में भारत के एयरक्राफ्ट एक्सीडेंट इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो (AAIB) ने शुरुआती जांच रिपोर्ट जारी की थी. इसमें कॉकपिट में मौजूद पायलटों के बीच फ्यूल कंट्रोल स्विच के बंद करने के बारे में आखिरी बातचीत का जिक्र किया गया था. कॉकपिट वॉयस रिकॉर्डिंग में एक पायलट को यह पूछते हुए सुना गया, “तुमने फ्यूल क्यों बंद किया?” दूसरे ने जवाब दिया, “मैंने ऐसा नहीं किया.”
भारत सरकार ने अब तक इस हादसे के लिए सीधे तौर पर पायलटों को जिम्मेदार ठहराने से परहेज किया है. लेकिन इटली के अखबार ने अपने सूत्रों के हवाले से बताया कि जांच अधिकारियों का मानना है कि फ्लाइट के कमांडर ने इंजन का फ्यूल कंट्रोल स्विच बंद कर दिया था. जिसके चलते विमान क्रैश कर गया. कैप्टन सुमीत सभरवाल फ्लाइट के पायलट-इन-कमांड थे, जबकि फर्स्ट ऑफिसर क्लाइव कुंदर को-पायलट थे.
अहमदाबाद विमान दुर्घटना में मारे गए 260 लोगों में कैप्टन सुमीत सभरवाल और फर्स्ट ऑफिसर क्लाइव कुंदर भी शामिल थे. रिपोर्ट में आगे बताया गया है कि अभी स्पष्ट तौर पर किसी को जिम्मेदार नहीं बताया गया है. लेकिन मुख्य संदिग्ध कैप्टन सुमीत सभरवाल हैं, जिनके बारे में हादसे के एक महीने बाद जानकारी आई कि वो डिप्रेशन में थे.
AAIB की शुरुआती जांच रिपोर्ट के बाद पायलट संघों ने विरोध जताया था. वहीं कैप्टन सभरवाल के पिता ने इन आरोपों को खारिज करते हुए नई जांच की मांग की थी. उन्होंने इस बात से इनकार किया कि तलाक की खबरों सहित पर्सनल मुद्दों की वजह से उनके बेटे एंग्जायटी या डिप्रेशन में थे.
कोरिएरे डेला सेरा के मुताबिक, फाइनल जांच रिपोर्ट में ये सिफारिश की जा सकती है कि पायलटों का लगातार साइकोलॉजिकल इवैल्यूएशन और मेंटल हेल्थ मॉनिटरिंग होना चाहिए. फ्लाइट के ब्लैक बॉक्स डेटा के आधार पर शुरुआती टेक्निकल असेसमेंट में मैकेनिकल खराबी की बात को खारिज कर दिया गया था. इसके बजाए इंजन इग्निशन और शटडाउन को रेगुलेट करने वाले स्विच के मैनुअल मूवमेंट की ओर इशारा किया गया. जांच में सामने आया था कि क्रैश के वक्त प्लेन के दोनों इंजन बंद हो गए थे.
वीडियो: अहमदाबाद प्लेन क्रैश जांच रिपोर्ट में सामने आई हादसे की वजह, क्या पता चला?











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