The Lallantop

कोरोना संकट के बीच देश के ये 3 शीर्ष मेडिकल एक्सपर्ट आपके लिए बहुत काम की बातें बता गए हैं

कोरोना की रोकथाम से जुड़े हर जरूरी सवाल का जवाब दिया है.

Advertisement
post-main-image
डॉ. नरेश त्रेहन (बाएं), डॉ. रणदीप गुलेरिया (बीच में) और डॉ. विवेक शेट्टी (दाएं). (सभी तस्वीरें- पीटीआई और twitter@NarayanaHealth)
कोविड-19 महामारी की दूसरी लहर के बेकाबू होने के बीच बुधवार (21 अप्रैल) को देश के 3 बड़े मेडिकल संस्थानों के मुखिया देश के सामने आए. AIIMS दिल्ली के डायरेक्टर डॉ. रणदीप गुलेरिया, नारायणा हेल्थ के चेयरमैन डॉ. देवी शेट्टी और मेदांता के चेयरमैन डॉ. नरेश त्रेहान. देश के इन शीर्ष मेडिकल एक्सपर्ट ने कोविड प्रोटोकॉल्स, इलाज और ऐहतियात से जुड़ी अहम बातें लोगों के सामने रखीं. जानते हैं तीनों डॉक्टर क्या बोले. घर में ऑक्सीमीटर ज़रूर रखें: डॉ शेट्टी डॉ. शेट्टी ने कहा - # अगर आपको बदन दर्द, सर्दी, बुखार, कफ या डायरिया जैसे कोई भी लक्षण हैं तो तुरंत अपना कोविड टेस्ट कराएं. अगर टेस्ट कराने में देरी है तो ख़ुद को तत्काल आइसोलेट करें. बहुत सारा पानी पिए. हमेशा-हमेशा मास्क लगाकर रखें. # टेस्ट में पॉज़िटिव आते हैं तो डॉक्टर से सलाह लें. ख़ुद के नुस्खे से बचें. घबराएं नहीं. कोविड को सामान्य बीमारी की तरह देखें. # अब तीसरी बात. अगर डॉक्टर को लगता है कि आपकी स्थिति बहुत गंभीर नहीं है तो मुमकिन है कि वे आपको होम क्वारंटीन होने की सलाह दें. ऐसे में कोविड प्रोटोकॉल के साथ घर पर रहें. हर 6 घंटे में अपना ऑक्सीजन लेवल चेक करते रहें. मेरी अपील है कि आप सभी घर में ऑक्सीमीटर ज़रूर रखें. हल्की-फुल्की एक्सरसाइज जारी रखें. एक्सरसाइज करने से पहले और बाद में ऑक्सीजन लेवल ज़रूर चेक करें और डॉक्टर को बताएं. डॉ. त्रेहान का होम क्वारंटीन पर ज़ोर अगर गंभीर स्थिति नहीं है तो होम क्वारंटीन में रहें. अगर घर में पर्याप्त सुविधा या जगह नहीं है तो हमारे पास क्वारंटीन सेंटर हैं. जब तक बहुत ज़रूरी न हो तो अस्पताल में एडमिट होने की जल्दबाजी न करें. घर पर कोविड केयर किट तैयार करें. इसमें डॉक्टर की सलाह पर ली गई दवाइयां शामिल हो सकती हैं, ऑक्सीमीटर, थर्मामीटर हो सकता है. और साथ ही पोषण आहार लें. अगर हम ऐसा करते हैं तो कुछ फीसदी लोगों को ही अस्पताल में एडमिट होने की ज़रूरत रह जाएगी. अब बात रेमडिसिविर की. डॉक्टरों ने एक प्रोटोकॉल तैयार किया है. हर कोविड पॉज़िटिव व्यक्ति को रेमडिसिविर नहीं दी जा सकती. अगर डॉक्टर को किसी व्यक्ति में वायरल लोड के आधार पर कुछ ख़ास लक्षण, गंभीर लक्षण दिखते हैं तो रेमडिसिविर दी जा सकती है. # किडनी की बीमारी, हाई डायबिटीज़, कीमोथेरेपी करा चुके लोग या ऐसे लोग, जिनका बॉडी मास इंडेक्स (BMI) 35 से ज़्यादा है, उन्हें रेमडिसिविर दी जा सकती है. क्या बोले डॉ. गुलेरिया?  # आज के समय में कोविड-19 से पीड़ित होने वाले 85 फीसदी से ज़्यादा लोग रिकवर हो रहे हैं. अधिकतर लोग 5 से 7 दिन में ठीक हो रहे हैं. अच्छा आहार, पैरासिटामॉल जैसी दवाइयां और ज़्यादा से ज़्यादा पानी पीने से लोग जल्दी रिकवर कर रहे हैं. इसलिए घबराने की बात नहीं है. # कुछ ही लोग हैं, जिनकी स्थिति गंभीर हो रही है. उन्हें रेमडिसिविर, स्टेरॉयड या प्लाज़्मा तक देना पड़ रहा है. ऐसा बिल्कुल नहीं है कि हल्के लक्षण में भी रेमडिसिविर ले लें तो जल्दी ठीक हो जाएंगे. इसे लेने की भी कुछ स्थितियां हैं. ये कोई मैजिक बुलेट नहीं है. # अब बात ऑक्सीजन की. निमोनिया या लंग्स की बीमारियों में भी लोगों का ऑक्सीजन लेवल नीचे गिरता है. सबसे पहले तो हमें ऑक्सीजन का समझदारी से इस्तेमाल करना है. # ऑक्सीजन हमारे खून में होती है. अगर इसका स्तर 92-93 से लेकर 98 तक कहीं भी है, तो समझ लीजिए कि ज़्यादा फर्क नहीं पड़ रहा है. ऐसे में 92-93 का लेवल देखकर हाई ऑक्सीजन लेना शुरू कर देना कोई फायदा नहीं पहुंचाएगा.

Add Lallantop as a Trusted Sourcegoogle-icon
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement