यूपी के आगरा का एक वीडियो बुधवार को वायरल हुआ जिसमें एक शख्स पुलिस के सामने गिड़गिड़ा रहा है. लोगों ने कहा कि वह अपनी कोविड पेशेंट मां का सिलेंडर छीने जाने पर ऐसा कर रहा है. हालांकि पुलिस का कुछ और ही कहना है.
(फोटो-ट्विटर)
कोरोना महामारी की दूसरी लहर के बीच सोशल मीडिया पर कई हिला देने वाली तस्वीरें और वीडियोज़ सामने आ रहे हैं. ऐसा ही एक वीडियो 28 अप्रैल को सामने आया. वीडियो में एक शख्स पुलिसवाले के सामने गिड़गिड़ा रहा है. उनसे गुहार लगा रहा है कि उसकी मां के लिए ऑक्सीजन सिलिंडर का इंतज़ाम कर दें. वीडियो उत्तर प्रदेश के आगरा का बताया जा रहा है. इसके सामने आने के बाद एक बार फिर जनता यूपी सरकार की अव्यवस्था पर सवाल उठा रहे हैं. वहीं, पुलिस इस वीडियो को लेकर दूसरी ही कहानी बता रही है.
वायरल वीडियो में क्या है?
वायरल वीडियो यूपी के आगरा का है. इसमें अस्पताल के सामने एक मरीज का परिजन पुलिसवालों के सामने रोते हुए दिख रहा है. ज़मीन पर गिरकर हाथ जोड़ रहा है कि उसकी मां को बचा लें. वीडियो में पुलिस एक प्राइवेट अस्पताल से ऑक्सीजन सिलिंडर निकालती दिख रही है. ट्विटर पर दावा किया जा रहा है कि गिड़गिड़ा रहे शख्स ने जैसे-तैसे अपनी मां के लिए एक ऑक्सीजन सिलिंडर अरेंज किया था. और किसी VIP के लिए पुलिस ये सिलिंडर छीनकर ले जा रही है. आप भी देखिए ये वीडियो
आगरा पुलिस कुछ और ही कह रही है आगरा पुलिस ने इस वीडियो का खंडन किया है. वीडियो को लेकर एससपी सिटी आगरा ने कहा,
ये वीडियो उपाध्याय हॉस्पिटल आगरा सदर इलाके का है. दो दिन पहले आगरा में ऑक्सीजन की थोड़ी सी किल्लत आ गई थी. कुछ लोग अपने पर्सनल सिलेंडर हॉस्पिटल को अपने परिजनों के इलाज के लिए दे रहे थे. दो व्यक्ति इस वीडियो में खाली सिलेंडर को ले जाते हुए नजर आ रहे हैं. एक व्यक्ति पुलिस से गुजारिश कर रहा है कि उसके लिए भी सिलेंडर का इंतजाम किया जाए, जिससे उपाध्याय हॉस्पिटल में कोविड की वजह से एडमिट उसके परिजन का इलाज किया जाए. वीडियो को भ्रामक तौर से पेश किया जा रहा है.
हालांकि एक सीनियर IAS अधिकारी ने आगरा पुलिस के दावों का खंडन किया है. संजीव गुप्ता IIT कानपुर से पढ़े हैं, 1985 बैच के IAS अफसर हैं. फिलहाल इंटर स्टेट काउंसिल सेक्रेटेरिएट के सचिव हैं. ये विभाग केंद्रीय गृह मंत्रालय के अंडर आता है. वायरल वीडियो के जवाब में पहले उन्होंने लिखा कि आगरा में ऑक्सीजन की भारी किल्लत है. ऐसे में किसी का ऑक्सीजन सिलिंडर छीनकर किसी और को देने की घटना से इनकार नहीं किया जा सकता है. उन्होंने लिखा कि इस मामले की जांच की जाएगी. पुलिस का जवाब आने के बाद संजीव गुप्ता ने एक और ट्वीट किया. इसमें उन्होंने लिखा,
'कमिश्नर और डीएम को हॉस्पिटल रिकॉर्ड्स और दूसरे सबूतों के आधार पर फैक्ट्स की जांच करनी चाहिए. खाली सिलिंडर के लिए कोई ऐसे क्यों गिड़गिड़ाएगा? और मेरिट के आधार पर एक्शन लिया जाना चाहिए. एक खाली सिलिंडर का वज़न 11 किलो होता है. टाइप डी सिलिंडर की कैपेसिटी 46.7 लीटर की होती है, और ऑक्सीजन डेंसिटी 1.14 के करीब होती है. तो आधे भरे सिलिंडर का वज़न 38 किलो और पूरे भरे सिलिंडर का वज़न 64 किलो के करीब बोता है. अब क्लिप दोबारा देखें.'
वैसे जिस तरीके से दो लोग उस सिलिंडर को लेकर जाते दिख रहे हैं, उससे ये तो नहीं लग रहा है कि वो खाली सिलिंडर लेकर जा रहे हैं.
आगरा में कोरोना का कहर
आगरा में दूसरी लहर में कोरोना वायरस से संक्रमित और मरने वालों की तादाद बढ़ रही है. 28 अप्रैल को 10 मरीजों की मौत हो गई. 24 घंटे में पहली बार रिकॉर्ड 696 नए मरीज मिले हैं. जिले में संक्रमित मृतकों की संख्या 251 पहुंच गई है. 15 अप्रैल से शहर में मौतों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा. बीते 13 दिनों में 68 मरीज दम तोड़ चुके हैं. सिर्फ 28 अप्रैल को 10 मरीजों की जान चली गई.