उत्तर प्रदेश के आगरा में एक अग्निवीर ने खुद को कथित रूप से गोली मारकर आत्महत्या कर ली. 22 साल के अग्निवीर श्रीकांत चौधरी आगरा में एयरफोर्स स्टेशन में संतरी के रूप में तैनात थे. साल 2022 में वे वायुसेना में नई भर्ती प्रक्रिया (अग्निपथ योजना) के जरिये शामिल हुआ थे. ये खबर तब आई है जब मृतक अग्निवीर के परिवारों को मिलने वाली राशि और पूरी अग्निपथ योजना को लेकर विवाद जारी है.
आगरा में 22 साल के अग्निवीर ने एयरफोर्स स्टेशन में आत्महत्या कर ली, कांग्रेस ने उठाया सवाल
वायुसेना ने अग्निवीर श्रीकांत की मौत के कारणों का पता लगाने के लिए एक बोर्ड ऑफ इन्क्वायरी गठित की है.


अंग्रेजी अखबार इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, श्रीकांत ने 2 जुलाई की देर रात में आत्महत्या की. अभी ये पता नहीं चल पाया है कि उन्होंने ये कदम क्यों उठाया. वायुसेना ने श्रीकांत की मौत के कारणों का पता लगाने के लिए एक बोर्ड ऑफ इन्क्वायरी गठित की है. वायुसेना के अधिकारियों ने श्रीकांत के शव को सौंपने के बाद परिवार को ये जानकारी दी.
श्रीकांत बलिया जिले के नारायणपुर गांव के रहने वाले थे. 4 जुलाई को गांव में ही सैन्य सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया गया.
इंडियन एक्सप्रेस ने अपुष्ट रपटों के हवाले से बताया है कि श्रीकांत छुट्टी नहीं मिलने के कारण परेशान थे. आगरा एयरफोर्स स्टेशन में मैनपावर की कमी है.
हालांकि, आगरा के शाहगंज थाने के SHO अमित कुमार मान ने बताया कि किसी भी तरह का सुसाइड नोट नहीं मिला है. उन्होंने कहा कि श्रीकांत के परिवार वालों ने अब तक कोई शिकायत दर्ज नहीं करवाई है.
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कांग्रेस ने इस घटना के बाद एक बार फिर अग्निवीरों को लेकर सवाल उठाए हैं. पार्टी ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में लिखा है,
"अग्निवीर योजना से जुड़े जवानों के ये मामले गंभीर हैं. आखिर ये जवान किस दबाव में काम कर रहे हैं? क्यों आत्महत्या को मजबूर हो रहे हैं? इसकी जांच होनी चाहिए."
इससे पहले, पिछले साल अक्टूबर में जम्मू-कश्मीर में तैनात अग्निवीर अमृतपाल सिंह ने आत्महत्या कर ली थी. तब उन्हें ‘गार्ड ऑफ ऑनर’ दिए जाने को लेकर भी बहस छिड़ी थी. सेना ने बयान जारी कर कहा था कि चूंकि अमृतपाल की मौत उन्हीं की गोली से हुई, इसलिए नियमों के तहत ऐसे मामलों में ‘गार्ड ऑफ ऑनर’ नहीं दिया जाता है.
इस घटना के एक महीने बाद, 27 नवंबर को नौसेना में ट्रेनिंग ले रही अपर्णा नाम की एक अग्निवीर ने आत्महत्या की थी. केरल की रहने वाली अपर्णा दो हफ्ते पहले ही मुंबई आई थीं. वो मलाड के मालवणी इलाके में भारतीय नौसेना के जहाज INS हमला पर प्रशिक्षण ले रही थीं.
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