आफ़ताब अमीन पूनावाला (Aftab Poonawala) और श्रद्धा मर्डर केस. 14 नवंबर को ख़बर आने के बाद से ही ये दोनों कीवर्ड (Shraddha Murder Case) सबसे ज़्यादा चर्चित हैं. न्यूज़ चैनल्स से लेकर न्यूज़ पोर्टल्स तक, सब इसी केस की ख़बरों से अटे पड़े हैं. छोटी से छोटी जानकारी सामने आ रही है. आफताब कहां रहता था, किस परिवार से है, क्या सोचता होगा जैसे भी ख़ूब क़यास लगाए जा रहे हैं. पहले ख़बर थी कि वो अपने सोशल मीडिया हैंडल्स पर ख़ुद को नारीवादी, LGBTQIA+ ऐक्टिविस्ट और मानवाधिकार कार्यकर्ता बताता है. अब ख़बर है कि हत्या के 15 दिन पहले आफ़ताब पूनावाला अपने घर वालों की शिफ़्टिंग में मदद करवा रहा था.
श्रद्धा की हत्या से 15 दिन पहले घरवालों को शिफ्ट करवा रहा था आफताब, पड़ोसियों ने सब बताया
आफताब के घरवालों के पड़ोसी श्रद्धा को जानते थे.


पुलिस जांच में पता चला है कि 6 महीने तक आरोपी आफ़ताब ने कई चालाकियां कीं. अगल-बग़ल रह रहे लोगों को न तो हत्या की भनक लगने दी, न सबूत मिटाने की. घटना पर हेडलाइन्स बनीं, तो मीडिया वाले आफ़ताब के घर भी पहुंचे और परिवार के घर भी. आफ़ताब के पड़ोसियों का कहना है कि पुलिस के पहुंचने से पहले उन्हें कभी कुछ संदिग्ध नहीं दिखा. आफ़ताब के परिवार के पड़ोसियों ने बताया कि आफ़ताब हाल ही में घर आया था और वो काफ़ी 'सामान्य' दिख रहा था. उन्होंने ये भी बताया कि वो श्रद्धा को भी जानते थे क्योंकि वो कई बार उनके घर आई थी.
रिपोर्ट्स के मुताबिक, 15 ही दिन पहले आफ़ताब के परिवार ने घर शिफ़्ट किया है. पड़ोसियों ने बताया है कि वो पिछले 20 सालों से उसी घर में रह रहे थे. आफ़ताब के पिता मुंबई में काम करते हैं. पड़ोसियों ने आफ़ताब के पिता से पूछा भी था कि वो शिफ़्ट क्यों कर रहे हैं, तो उन्होंने काम का हवाला दिया था.
श्रद्धा और आफताब डेटिंग ऐप बंबल के ज़रिए मिले थे. बाद में एक रिश्ते में आ गए और जब श्रद्धा के परिवार ने इस रिश्ते पर आपत्ति जताई, तो दोनों दिल्ली भाग गए और दिल्ली में रहने लगे. साउथ दिल्ली के ऐडिशनल DCP अंकित चौहान ने कहा,
"परिवार ने रिश्ते पर आपत्ति जताई, तो अप्रैल के अंत या मई के पहले हफ़्ते में दोनों दिल्ली आ गए थे. फिर मई के बीच में शादी को लेकर उनके बीच झड़प हुई, जो बढ़ गई और उसने उसकी हत्या कर दी."
जानकारी ये भी आई कि हत्या के कुछ दिन बाद ही आरोपी ने दोबारा फोन पर डेटिंग ऐप डाउनलोड कर लिया था और लड़कियों से मुलाक़ात की. वो फ्लैट में एक डेट को लेकर भी आया था.
"फेमिनिस्ट, LGBT सपोर्टर, क्लाइमेट एक्टिविस्ट", श्रद्धा की हत्या का आरोपी खुद को ये सब बताता था












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