अगर ट्वाईलाईट के बारे में नहीं पता है तो पहले वो बता देते हैं.
फिलिम में एक लड़का है एडवर्ड. हद्द गोरा है. एकदम पीलिया का मरीज लगता है. एक लड़की है बेला. बेला और एडवर्ड को एक दूसरे से प्यार हो जाता है. लेकिन एडवर्ड एक वैम्पायर है. खून पीने वाला. रक्तपिपासु. लोगों के गले में दांत गाढ़ कर खून चूस लेता है. बेला को ये बात नहीं पता है. तो अब एक टेक्निकल एरर है. इन्सान और वैम्पायर की शादी कैसे होगी. एडवर्ड भग लेता है. बेला उसकी याद में बौरा जाती है. झक मार के एडवर्ड उसको असलियत बता देता है. बेला कहती है कि एडवर्ड उसको भी वैम्पायर बना दे. उसके गले में भी डांट गड़ा दे. ताकि वो हमेशा साथ रह सकें.बाकी आगे की कहानी का यहां कोई मतलब नहीं है. समझ तो गए ही होगे. अब मुद्दे की बात पर आओ.

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टेक्सास का एक लड़का है. उसको लगने लगा वो भी वैम्पायर है. वैम्पायरों जैसे काले कपड़े पहनने लगा. मेकअप करने लगा. चलो, यहां तक तो तब भी सही था. लेकिन अब उसको भ्रम हुआ. सोचने लगा कि जिंदा रहने के लिए खून पीना भी ज़रूरी होगा. एक रात को एक लड़की के घर में घुस गया. गला दबा कर लड़की के गले में दांत गड़ा दिया. मांस का एक टुकड़ा निकल आया. फिर उसका खून पी लिया. लड़की ने पुलिस बुला कर लड़के को अंदर करवा दिया.
फिल्मों में तो ब्लड ग्रुप वगैरह का कोई कंसेप्ट होता नहीं. शरीर में होने वाली कोई रिएक्शन भी ध्यान नही रखी जाती. लड़के ने भी नहीं सोचा होगा. लेकिन रियल ज़िन्दगी में बायोलॉजी को इगनोर करना आपकी जान ले सकता है. खून पीने से लड़के को हो गया इन्फेक्शन. खून में बहुत ज्यादा आयरन होता है. इंसान का शरीर ऐसा बना ही नहीं है कि वो खून को डाइजेस्ट कर सके. इतना आयरन ज़हर का काम करता है. दिल तक पहुंच जाए तो पूरे खून में ज़हर फ़ैल जाता है. अब उसका ट्रीटमेंट चल रहा है.
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