वह इस बच्चे को घर उठा ले आया. खूब देखभाल और सेवा की. दुलार से रखा. तेंदुआ परिवार का हिस्सा बन गया. इलियास को एक दोस्त मिल गया और दोनों का ज्यादातर वक्त साथ ही गुजरता. तेंदुए के बड़े होने के साथ साथ इलियास का उसके लिए प्यार बढ़ता ही गया. लेकिन कहानी में अचानक फिल्मी मोड़ आ गया. न जाने कैसे पुलिस तक खबर पहुंच गई.इलियास को पता था कि इस तरह तेंदुआ पालना कानूनन अपराध है. उसे यह भी पता था कि अगर पुलिस यहां पहुंच गई तो तेंदुआ वन्य जीव विभाग वालों के हवाले कर दिया जाएगा. इलियास ने दिल कड़ा करके एक फैसला लिया. पुलिस के आने से पहले वो तेंदुए को जंगल में ले जाकर छोड़ आया. रितिक रोशन की 'कोई मिल गया' फिल्म वाले जादू की तरह.
(ये स्टोरी दी लल्लनटॉप के साथ काम कर रहे सुमेर सिंह राठौड़ ने लिखी है.)


















