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कोच्चि में 12000 करोड़ रुपये का ड्रग पकड़ा गया, बोरों पर लिखा था 'खुशबू' और '555'

कहां से आया इतना सारा मेथमफेटामिन?

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NCB की कार्रवाई में अरबों का ड्रग सीज. (तस्वीरें- तनसीम हैदर/आजतक)

भारतीय नेवी और नार्कोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) ने केरल के कोच्चि में करीब 2500 किलोग्राम से भी ज्यादा ड्रग्स पकड़ने का दावा किया है. इसे देश में अब तक पकड़ी गई ड्रग्स की तीसरी सबसे बड़ी खेप बताया जा रहा है. समाचार एजेंसी पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक भारत के पश्चिमी तट पर सीज किए गए इस ड्रग की कीमत करीब 12 हजार करोड़ रुपये बताई जा रही है. NCB और नेवी की कार्रवाई में सीज किए गए इस ड्रग का नाम मेथमफेटामिन बताया गया है.

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इंडिया टुडे/आजतक से जुड़े तनसीम हैदर की रिपोर्ट के मुताबिक नेवी और नार्कोटिक्स के अधिकारियों ने इस कार्रवाई को ‘ऑपरेश समुद्रगुप्त’ नाम दिया था. इस छापेमारी के दौरान एक संदिग्ध पाकिस्तानी नागरिक को हिरासत में लिया गया है. NCB के अधिकारियों ने बताया कि ये ड्रग एक बड़े जहाज के जरिये लाया जा रहा था. उनके मुताबिक पाकिस्तान और ईरान के नजदीक मकरान नाम के समुद्र तट से इस मदर शिप में ड्रग के बोरे डाले जाते हैं. बाद में समुद्र यात्रा के दौरान ये जहाज नशीले पदार्थ को छोटे-छोटे जहाजों तक पहुंचाता है.

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ड्रग से भरे बोरों पर लिखा है 'खुशबू'. (तस्वीर- आजतक)

नार्कोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो ने ड्रग के जिन बोरों को सीज किया है उन पर ‘खुशबू’ और '555' नाम लिखा हुआ है. फिलहाल ये साफ नहीं है कि क्या इसका नशीले पदार्थ की डिलीवरी से कोई संबंध है, या ये कोई कोड वर्ड है.

पिछले डेढ़ साल में समुद्री तस्करों के खिलाफ NCB की कार्रवाई बढ़ी है. आजतक की रिपोर्ट के मुताबिक अब तक की कार्रवाई में लगभग 3200 किलोग्राम मेथमफेटामिन, 500 किलोग्राम हेरोइन और 529 किलोग्राम हशीश (गांजे का पौधा) जब्त की गई है. ताजा ऑपरेशन को अंजाम देने के लिए NCB ने श्रीलंका और मालदीव के साथ भी इनपुट साझा किए थे. वहां की एजेंसियों की मदद से ड्रग्स की इतनी बड़ी बरामदगी हुई है. ये भारत में मेथमफेटामिन की सबसे बड़ी जब्ती बताई जा रही है.

पकड़ी गई ड्रग की खेप. (तस्वीर- आजतक)

रिपोर्ट के मुताबिक ये पूरी कार्रवाई NCB के महानिदेशक संजय कुमार सिंह की अगुवाई में की गई. इसमें डीआरआई, एटीएस गुजरात जैसी ड्रग स्मगलिंग के खिलाफ काम करने वाली एजेंसियों की भी मदद ली गई. चूंकि ऑपरेशन समुद्र और उसके आसपास होना था इसलिए भारतीय नौसेना के इंटेलिजेंस विंग को भी शामिल किया गया. इसके अलावा एनटीआरओ जैसी एजेंसियों से जानकारियां साझा की गईं. इस दौरान मकरान समुद्र तट से भारी मात्रा में मेथमफेटामिन ले जाने वाले 'मदर शिप' की आवाजाही के बारे में खुफिया जानकारी मिली थी. उसके बाद शिप को इंटरसेप्ट कर ढाई टन ड्रग सीज किया गया.

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