देवताओं ने समुद्र मंथन किया, अमृत निकला. जिसे लेकर देवताओं और असुरों में छीना झपटी हुई. कुछ बूंदे धरती पर गिरीं. वहीं जहां कुंभ का आयोजन होता है. इन्हीं मान्यताओं के मुताबिक, ये चार जगहें, हरिद्वार, प्रयाग, नासिक और उज्जैन हैं. इन्हीं में से प्रयाग में इस साल कुंभ फिर से लगने वाला है. यूं तो माघ मेला हर साल लगता है, लेकिन 12 साल में लगने वाले कुंभ का ये बरस खास बताया जा रहा है. 144 सालों बाद बनने वाले कुछ खास तिथियों की वजह से. ये है दुनिया का सबसे बड़ा शांतिपूर्ण जमावड़ा. दस-बीस लाख नहीं. करोड़ों लोग एक जगह पर इकट्ठा होंगे. साल 2019 की बात करें, तो कुछ 20 करोड़ से भी ज्यादा लोगों ने इस जमावड़े में हिस्सा लिया था. इस साल के लिए इससे दोगुने का अनुमान है. क्या है अखाड़ों की कहानी, जानने के लिए देखें तारीख का ये एपिसोड.
तारीख: कहानी महाकुंभ में आने वाले अखाड़ों की
कुंभ में आकर्षण के सबसे बड़े केंद्र अखाड़े होते हैं, सबसे ज्यादा चहल-पहल और रौनक मेले में अखाड़ा मार्ग पर ही होती है.
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