हमारी गिनती बेहद कम है. हम भीषण गोलाबारी के सामने हैं. लेकिन मैं एक भी इंच पीछे नहीं हटूंगा." ये शब्द थे भारत के पहले परमवीर चक्र विजेता मेजर सोमनाथ शर्मा के थे. तब जब दुश्मन उनसे महज 50 गज दूर खड़ा था. बायें हाथ पर चोट लगने के बावजूद भी कैसे उन्होंने 700 दुश्मनों के सामने डटकर लड़ाई लड़ी और श्रीनगर एयरबेस को बचा लिया. कौन सी थी ये लड़ाई, जानने के लिए देखिए तारीख का ये एपिसोड.
तारीख: हाथ में प्लास्टर लेकिन फौलाद का हौसला, कहानी पाकिस्तान को सबक सिखाने वाले मेजर सोमनाथ शर्मा की
Major Somnath Sharma की कमान में डेल्टा कंपनी दिनभर श्रीनगर से 15 मील की दूरी पर बडगाम-मागाम के एरिया में रेकी करती और रात में एयरबेस लौट जाती ताकि हर हाल में एयरबेस सुरक्षित रहे.
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