इनसेप्शन अगर देखी होगी तो याद होगा आपको. आइडिया वाइरस की तरह होता है. एक बार चिपक जाए तो बाहर निकालना लगभग असंभव. मसलन मौत की सज़ा के बारे में शायद आपने सुना हो कि मौत की सजा दो बार नहीं दी जा सकती. अगर एक बार में आदमी नहीं मरा तो उसे छोड़ दिया जाता है. है. अगर सुनी है तो ये भी सुनिए कि ये बात सरासर झूठ है. CrPC, 1973 के सेक्शन 354 (5) के अनुसार
तारीख: तीन बार फांसी के बावजूद ये शख्स जिंदा कैसे बचा?
ये कहानी है एक ऐसे आदमी की जिसे फ़ांसी पर लटकाया गया. लेकिन फ़ांसी हुई नहीं. बार बार कोशिश हुई लेकिन आदमी बच गया. अंत में थक हारकर फ़ांसी की सजा ही कैंसिल करनी पड़ी.
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किसी व्यक्ति को तब तक फ़ांसी पर लटकाया जाता है, जब तक उसकी मृत्यु ना हो जाए.
फ़ैक्ट चेक के बाद अब बारी क़िस्से की. किस्सा फ़ांसी से ही जुड़ा है. ये कहानी है एक ऐसे आदमी की जिसे फ़ांसी पर लटकाया गया. लेकिन फ़ांसी हुई नहीं. बार बार कोशिश हुई लेकिन आदमी बच गया. अंत में थक हारकर फ़ांसी की सजा ही कैंसिल करनी पड़ी. जिसके बाद वो शख़्स एक ऐसे आदमी के रूप में फ़ेमस हो गया, जो मर ही नहीं सकता. क्या थी ये कहानी, चलिए जानते हैं.
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