हरकारा संदेश लेकर दौड़ा चला आ रहा है. ‘मिस्र की रानी को रोम के राजा का सलाम’. रोम यानी संसार का सबसे ताकतवर राज्य. रोम का सम्राट चाहे तो क्या नहीं दे सकता. लेकिन जिस रानी के नाम ये संदेश है. उसमें अब किसी राज की चाह नहीं बची है. राजशी पोशाक में तैयार होकर रानी कमरे में दाखिल होती है. एक नज़र अपने मुलाज़िम को देखती है. मुलाज़िम की नज़र कहीं और है. पास में एक सांप रेंग रहा है. रानी उसे फन से पकड़ लेती है. और उसके दांत अपने स्तन में गड़ा देती है. उसके अंतिम शब्द क्या थे, पता नहीं. लेकिन शेक्सपियर अपने एक नाटक में उसके मुंह से कहलवाते हैं,
तारीख़: 700 गधों के दूध से नहाती थी दुनिया की सबसे सुंदर रानी?
मिस्र की अंतिम फैरोआ, जिसने 21 साल तक मिस्र पर शासन किया.
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“मेरा लबादा लेकर आओ, ताज को सर पर रख दो. मुझमें असीम हसरतें भरी हैं. लेकिन अब नहीं. मिस्र के अंगूर अब मेरे होंठों को गीला नहीं करेंगे”
ये अंत था उस रानी का, जिसे दुनिया की सबसे सुन्दर स्त्री माना जाता है. जिसके बारे में मिथक चलते हैं कि वो 700 गधों के दूध से नहाती थी. हालांकि उसकी असली पहचान ये है कि वो मिस्र के इतिहास के सबसे ताकतवर शासकों में से एक थी. मिस्र की अंतिम फैरोआ, जिसने 21 साल तक मिस्र पर शासन किया. नाम शायद सुना होगा आपने. क्लियोपेट्रा.
आज आपको तारीख़ में बताएंगे कहानी क्लियोपेट्रा की.
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