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गेस्ट इन द न्यूजरूम: कैलाश सत्यार्थी ने पाकिस्तान में बहादुरी, ट्रंप के नोबेल और एप्सटीन फाइल्स पर सब बताया

Kailash Satyarthi के साथ यह बातचीत उनकी दशकों पुरानी लड़ाई और उसके पीछे की हिम्मत, दर्द और पक्के इरादे को दिखाती है. वह बताते हैं कि कैसे बच्चों को बचाने के दौरान उन्हें कई बार बेरहमी से पीटा गया. यहां तक कि उनके सिर पर बंदूकें तानी गईं.

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लल्लनटॉप के खास शो गेस्ट इन द न्यूजरूम में इस बार हमारे मेहमान हैं नोबेल शांति पुरस्कार विजेता कैलाश सत्यार्थी. इस बातचीत में उन्होंने बताया कि कैसे उन्होंने जातिगत भेदभाव के खिलाफ खड़े होने के लिए अपना नाम कैलाश शर्मा से बदलकर कैलाश सत्यार्थी कर लिया. उन्होंने तस्करी किए गए बच्चों को गुलामी से छुड़ाने तक की कई कहानियां साझा कीं. लल्लनटॉप से साथ की गई यह बातचीत उनकी दशकों पुरानी लड़ाई और उसके पीछे की हिम्मत, दर्द और पक्के इरादे को दिखाती है. वह बताते हैं कि कैसे बच्चों को बचाने के दौरान उन्हें कई बार बेरहमी से पीटा गया. यहां तक कि उनके सिर पर बंदूकें तानी गईं. 

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उन्होंने राजनीतिक दबाव पर भी बात करते हुए बताया कि कैसे पूर्व पीएम चंद्रशेखर और फूलन देवी जैसे असरदार नेताओं का राजनीतिक दबाव उन पर आया था. साथ ही उन्होंने बताया कि मुहम्मद ज़िया-उल-हक से पहले पाकिस्तान में बच्चों की सुरक्षा के कानूनों की वकालत करने और “पाकिस्तान एजेंट” कहे जाने पर क्या हुआ था. क्या बातें हुईं कैलाश सत्यार्थी से, जानने के लिए देखें गेस्ट इन द न्यूजरूम का ये एपिसोड.  

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