1857 के संग्राम के बाद ब्रिटिश सरकार ने कंपनी से भारत की कमान अपने हाथ में ले ली थी. कंपनी की मोनोपॉली खत्म हो गई. भारतीय अब ब्रिटिश इंडिया के नागरिक थे. इसलिए भारतीय व्यापारियों को मौका मिला कि वो भी चीजें एक्सपोर्ट कर सकते थे. ऐसे में ब्रिटिश कपड़ों के आयत के बावजूद ब्रिटेन को घाटा होता. इसे रोकने के लिए एक नई स्कीम लाई गई. ब्रिटिश सरकार ने खरीद फरोख्त के एक नए सिस्टम की शुरुआत की. वीडियो देखें.
तारीख: कौन था वो डॉक्टर जिसकी लिखी किताब ने भारत को बर्बाद किया?
John Forbes Watson ने एक किताब लिखी. इसका नाम था- The textile manufacturers of India. 18 वॉल्यूम में लिखी इस किताब में भारत के 700 प्रकार के कपड़ों का बखान किया गया था.
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