एक मछली ने खुराफात की. चुपचाप जल की रानी बनी रहती. पर नहीं, उसने पानी से बाहर निकलने की सोची और उस चिरांद मछली की वजह से - आज हमको दफ्तर जाना पड़ता है. चिरांद, अपशब्द नहीं है, बिहार में पाषाण युग की एक संस्कृति की जगह है. बहरहाल, आज हम पाषाण युग से भी पीछे चलते हैं. बहुत पीछे, करीब 450 करोड़ साल पीछे. ये कहानी है दफ्तर से भी पहले की जब हमारी धरती बनी. फिर कहानी पहली कोशिका के बनने की. बैक्टीरिया से उस पहली मछली तक जिसने पानी से बाहर कदम रखा. इसे विकास के क्रम में इतना अहम क्यों माना जाता है. साथ ही बात होगी उस पहली मूर्ति की जो इंसानी कल्पना का सबूत देती है. इन सब घटनाओं के बारे में पता कैसे चला. कैसे अनुमान लगाए गए कि ऐसा हुआ होगा? सबकुछ जानने के लिए देखें तारीख का ये एपिसोड.
तारीख: वो मछली जो पानी से निकली और आज आपके साथ दफ्तर जा रही है
सबसे पुराने पत्थरों की उम्र 380 करोड़ साल मानी जाती है. वहीं हैरान कर देने वाली बात ये है कि ऑस्ट्रेलिया में मिला एक जीवाश्म करीब 350 करोड़ साल पुराना है.
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