हर शिकारी जीव का शिकार करने का अपना तरीका होता है. कोई घात लगाकर हमला करता है, कोई कैम्फ्लेज का सहारा लेता है, तो कोई अपने जहर से शिकार का काम तमाम कर देता है. लेकिन चीते का फंडा अलग है. उसे अपनी रफ़्तार पर भरोसा है, वो छिपकर वार नहीं करता. अपने शिकार को बेतहाशा दौड़ाता है और आखिरकार दबोच लेता है. चीते के बाद दुनिया में सबसे तेज़ दौड़ने वाला जानवर है अमेरिकी हिरन प्रोंगहॉर्न. लेकिन ये इतनी तेज़ दौड़ते क्यों हैं? तब भी जब पीछे कोई शिकारी न हो, वैज्ञानिक बताते हैं दस हज़ार साल पहले अमेरिका के घसियाले मैदानों में एक चीते जैसा ही जानवर होता था. आज के चीते से भी बड़ा, फुर्तीला और मज़बूत. वो जानवर तो विलुप्त हो गया, लेकिन उसकी फुर्तीली छलांग और फर्राटेदार दौड़ प्रोंगहॉर्न हिरन के जेहन में आज भी ताज़ा है. डर की शक्ल में. कहते हैं इतिहास से सीखना चाहिए. प्रोंगहॉर्न ने सीख लिया है. देखें वीडियो.
आसान भाषा में: चीतों से शिकार करवाया और चीते ही ख़त्म हो गए, अब अफ्रीकी चीतों से क्या करने जा रहे?
भारत में भी चीता 70 साल पहले विलुप्त हो चुके हैं.
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