क्या गृह राज्यमंत्री अजय मिश्रा की कुर्सी जाएगी?
अजय मिश्रा टेनी ने पत्रकारों के साथ भी बदतमीज़ी की.
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अजय मिश्रा टेनी ने पत्रकारों के साथ भी बदतमीज़ी की. (वायरल वीडियो का स्क्रीनशॉट)
केंद्रीय गृहराज्यमंत्री अजय मिश्रा टेनी से एक पत्रकार ने एक साधारण सा सवाल क्या पूछा, वो आग बबूला हो गए. दो मिनट में किसान आंदोलनकारियों को सुधार देने की धमकी देने वाले अजय मिश्रा अब पत्रकारों को सुधारने में लग गए हैं. बता रहे हैं कि बेवकूफी भरे सवाल मत करो. ये खबर आ चुकी है कि उन्हें दिल्ली तलब किया गया है. लेकिन ये खबर नहीं आई है कि कम से कम नैतिक आधार पर उनसे इस्तीफा ले लिया गया. वो भी तब, जब उनके बेटे मोनू मिश्रा पर चार किसानों और एक पत्रकार की हत्या का आरोप लगा हुआ है. आखिर लखीमपुर खीरी कांड को लेकर केंद्र की मोदी सरकार किस कंफ्यूज़न में है. वो ऐसी कौनसी मजबूरी है, कि वो कोई सख्त कदम नहीं उठा पा रही. यूपी पुलिस द्वारा गठित एसआईटी ने CJM कोर्ट को दिए आवेदन में साफ कह दिया है कि लखीमपुर खीरी कांड रैश ड्राइविंग के चलते नहीं हुआ था. बल्कि ये मामला सुनोजित षडयंत्र का नतीजा था, जिसका मकसद था, जान से मारना. इस मामले में मोनू मिश्रा मुख्य आरोपी है. और मोनू मिश्रा के पिता अजय मिश्रा टेनी केंद्र में गृहराज्यमंत्री है. केंद्र और यूपी, दोनों में एक ही पार्टी की सरकार है - भारतीय जनता पार्टी, यानी मोनू मिश्रा के पिता वाली पार्टी. ऐसे में ये कैसे मान लिया जाए कि इस मामले में निष्पक्षता बरती जाएगी. ये सवाल हमने कल भी पूछा था. लेकिन कल से आज तक में एक और बात घट गई है. आरोप चाहे जैसे और जितने लगते रहें, लेकिन अजय मिश्रा बहैसियत केंद्रीय गृहराज्यमंत्री सार्वजनिक काम में हिस्सा ले रहे हैं. आज भी वो लखीमपुर के ओयल में मदर चाइल्ड केयर के ऑक्सीजन प्लांट का उद्घाटन करने पहुंचे. मंत्रीजी आए थे, तो प्रेस भी पहुंची हुई थी. पत्रकारों ने टेनी से जब ऑक्सीजन प्लांट पर सवाल पूछा, तो उन्होंने ठीक ठाक जवाब दिया. इसके बाद जैसा कि लाज़मी है, पत्रकारों ने ये पूछा कि SIT द्वारा अजय मिश्रा के बेटे आशीष मिश्रा नई धाराएं लगाने के संबंध में वो क्या कहना चाहेंगे. इसके बाद वो पत्रकारों पर भड़क गए. मंत्री जी से जो सवाल पूछा गया था, वो गलत नहीं था. सभ्य भाषा में पूछा गया था. सवाल उनके बेटे से जुड़ा हुआ था. और कानून व्यवस्था से जुड़े एक मामले से भी, जिसका ध्यान रखना मंत्री जी का काम है. लेकिन इसका जवाब देने की बजाय उन्होंने पत्रकार को अपशब्द कहे. ये कितनी चिंता की बात है कि देश का गृहराज्यमंत्री प्रेस के सवाल का जवाब देने से इनकार ही नहीं करता, बल्कि रिकॉर्डिंग बंद करने को कहता है. अब तक लखीमपुर खीरी कांड में 5 लोगों की हत्या में सीधे केंद्रीय गृहराज्यमंत्री का नाम नहीं आया है. लेकिन यूपी पुलिस SIT अगर ये कह रही है कि ये एक सुनियोजित साज़िश थी, तो क्या ये सवाल नहीं बनता कि इस साज़िश में नामित लोगों के अलावा कौन कौन शामिल था. क्या ये सब किसी के इशारे पर हो रहा था? मोनू मिश्रा ने अकेले ये सब किया या फिर उसे किसी का भरोसा था. ये बिलकुल संभव है कि गृहराज्यमंत्री इस साज़िश में शामिल न हुए हों. लेकिन ये तो तब ही कहा जा सकता है जब इस एंगल पर जांच हो कि गृहराज्यमंत्री इस षडयंत्र में हिस्सा थे या नहीं. बिना जांच उन्हें बरी नहीं माना जा सकता. और इसीलिए उनका केंद्रीय गृहमंत्रालय में इतने बड़े पद पर बने रहना भारी असहजता पैदा करता है. आपने न्यायालय के उन फैसलों को सुना होगा कि जिनमें इस बात पर बेल खारिज की जाती है कि आरोपी मामले में जांच या गवाहों को प्रभावित कर सकता है. क्या ये कहा जा सकता है कि अजय मिश्रा टेनी के केंद्रीय गृहराज्य मंत्री रहते जांच प्रभावित नहीं होगी. हमारे पास सवाल हैं. इसीलिए हम बस सवाल पूछ रहे हैं. जवाब सरकार को देने हैं. इससे पहले अजय मिश्रा दावा कर चुके हैं कि घटना के समय मोनू मिश्रा वहां था ही नहीं. फिर ये कैसे हो गया कि फॉरेंसिक रिपोर्ट जब आई तो उसमें बताया गया कि घटना के दिन मोनू मिश्रा और अंकित दास के लाइसेंसी हथियारों से गोलियां दागी गई थीं. तो ये कैसे मान लिया जाए मंत्रीजी जो भी कह रहे हैं, वो 100 फीसदी सही है और उनके बेटे को झूठा फंसाया जा रहा है. इस मामले को लेकर आज संसद में खूब हंगामा हुआ. कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने लखीमपुर खीरी कांड को लेकर, लोकसभा में स्थगन प्रस्ताव पेश किया. स्थगन प्रस्ताव का मकसद होता है किसी लोक महत्त्व के मामले पर सदन का ध्यान दिलाना. लेकिन लोकसभा स्पीकर ओम बिड़ला ने उनके प्रस्ताव को खारीज कर दिया. लेकिन इस बात पर हंगामा इतना हुआ कि कार्यवाही सुन पाना मुश्किल हो गया. और लोकसभा को दिनभर के लिए स्थगित कर दिया गया. लोकसभा की कार्यवाही पर नज़र रखने वाले पत्रकारों ने एक और चीज़ की तरफ ध्यान दिलाया. वो ये कि इस सत्र में लोकसभा सीधे दिनभर के लिए प्रायः स्थगित नहीं हो रही है. थोड़ी थोड़ी देर के स्थगन होते रहे. लेकिन आज लोकसभा में एक स्थगन हुआ 2 बजे तक. ओर फिर कार्यवाही शुरू होने पर कुछ ही मिनटों के भीतर लोकसभा सीधे पूरे दिन के लिए स्थगित कर दी गई. अजय मिश्रा को लेकर आज आखिरी खबर ये आई थी कि उन्हें दिल्ली तलब किया गया है. इसके बाद की जानकारी जैसे ही हमारे पास आएगी, हम आपको देंगे.
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