सही-सही वजह क्या है, हमें भी मालूम नहीं. मगर कुछ वजहें हैं जो लोग बताते हैं. उनको हम आपको बताए देते हैं.
1. दूध पिलाने के लिए
एक कोरा यूजर का कहना है कि औरतें अपने बच्चों को बाएं हाथ से पकड़ती थीं, जिससे दूध पिलाते टाइम वो दाहिने हाथ से वो अपने कपड़े मैनेज कर सकें. बटन बाईं तरफ हो तो दाहिने हाथ से आसानी से खुल जाता था.

औरतें अपने बच्चों को बाएं हाथ से पकड़ती थीं, जिससे दूध पिलाते टाइम वो दाहिने हाथ से वो अपने कपड़े मैनेज कर सकें.
वहीं पुरुष, जिनका काम युद्ध लड़ना और रक्षा करना होता था, दाहिने हाथ में तलवार पकड़ते थे. और बाएं हाथ से कपड़े बदलते थे. इसलिए उनके बटन दाहिनी तरफ दिए गए.
मगर ये सिर्फ एक थियरी भर है.
2. क्योंकि औरतें खुद कपड़े नहीं पहनती थीं
जब बटन वाली शर्ट या ब्लाउज का फैशन आया, इन्हें पहनने वाली औरतें अमीर घरानों की थीं. उनको तैयार करने के लिए मेड होती थी. चूंकि मेड सामने होती थी, बटन उल्टी तरफ दिए गए. जिससे वो आसानी से कपड़े पहना सके.

टीवी ड्रामा 'डाउनटाउन ऐबी' से दृश्य
मगर सवाल ये है कि पुरुषों के भी तो नौकर होते थे जो उन्हें कपड़े पहनाते थे. फिर उनकी बटन दाहिनी तरफ क्यों होती है?
3. क्या इसके पीछे नेपोलियन का हाथ है?
कुछ बतोले सूत्र बताते हैं कि नेपोलियन को अपने वेस्टकोट में दो बटनों के बीच दाहिना हाथ फंसा के खड़ा होना पसंद था. इसी अवस्था में उसकी एक तस्वीर थी. जो उन दिनों 'वायरल' तो नहीं, मशहूर थी. कई औरतों उसकी कॉपी कर उसका मजाक उड़ाती थीं. नेपोलियन को ये पसंद नहीं आया. और एक ऑर्डर देकर उसने औरतों के बटन उलटवा दिए.

नेपोलियन
वैसे तो लड़कियों और लड़कों के कपड़ों के नियमों में कई चीजें अजीब हैं. जैसे लड़कियों के कुर्तों और पैन्ट्स में जेबें नहीं होतीं. बेल्ट्स इनती पतली बनाते हैं जैसे लड़कियों की पैन्ट्स ढीली हो ही नहीं सकतीं. सबका जवाब मांगा जाएगा कपड़े बनाने वालों, सबका.










