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आज का दिन और सचिन

इंडिया वर्सेज़ ऑस्ट्रेलिया. प्रेमदासा स्टेडियम.

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फोटो - thelallantop
18 दिसंबर 1989. सचिन तेंदुलकर का पहला मैच. शुरुआती दौर में पांचवे, छठे, सातवें नम्बर पर बैटिंग कर रहे थे. दिल में एक चाह थी. ओपेनिंग करने की. ये वो समय था जब सचिन लौंडपने में खेला करते थे. जब सचिन ख़ुदा नहीं बने थे. जब सचिन कुछ भी नहीं बने थे. उन्हें एक पैक-ऑफ़-टैलेंट माना जा रहा था. उनके बल्ले के फ़ेस पर टकराती गेंदों को देख दाद उठती थीं. कहा जाता था कि लड़का आगे जाएगा. मगर किसी ने नहीं सोचा था कि ये एक पहाड़ खड़ा करेगा. 18426 रनों का पहाड़. रनों की लिस्ट में दूसरे नम्बर पर रहने वाले प्लेयर से 22.6% रन ज़्यादा. सौरव गांगुली के साथ पार्टनरशिप में 8227 रन बनाये. मर्वन अटापट्टू और सनथ जयसूर्या के रनों से 50% ज़्यादा. सौरव गांगुली के साथ 100 रन से अधिक की 26 पार्टनरशिप. हेडेन और गिलक्रिस्ट से 62.5% ज़्यादा.
Sachin
130 गेंदों में 110 रन मारे थे सचिन ने.

मगर साल 94 के आस-पास सचिन के अन्दर एक कुलबुलाहट मची हुई थी. ओपेनिंग की चाह बरकरार थी. न्यूज़ीलैंड के खिलाफ़ मैच. 27 मार्च 1994. न्यूज़ीलैंड 50 ओवर में 142 रन का टार्गेट दे पायी. सचिन टीम के कोच के पास पहुंचे. कहा कि उन्हें ओपेनिंग का मौका दिया जाए. कोच ने इनकार किया तो ज़िद की. कहा, अपनी ज़िम्मेदारी पर वो ओपेनिंग करना चाहते हैं. सचिन ओपेनिंग पर उतरे. और अपनी दावेदारी ठोंक दी. 49 गेंदों में 82 रन. 15 चौके और 2 छक्के. जडेजा के साथ 9 ओवर में 61 रन और 6 ओवर में काम्बली के साथ 56 रन की पार्टनरशिप. स्ट्राइक रेट 167.34 का. इनिंग्स में 12 से ज़्यादा गेंदें खेलने वाले किसी भी बैट्समैन का स्ट्राइक रेट 75 के ऊपर नहीं था. ये शायद वो झटका था जो शैम्पेन की बोतल खुलने पर कॉर्क को लगता है. कॉर्क हट चुका था और अब शराब बह रही थी.
वनडे में 49 शतक हैं सचिन के नाम.
वनडे में 49 शतक हैं सचिन के नाम.

9 सितम्बर 1994. ऑस्ट्रेलिया वर्सेज़ इंडिया. सिंगर वर्ल्ड सीरीज़. प्रेमदासा स्टेडियम. इंडिया टॉस जीतकर पहले बैटिंग कर रही थी. पहला पचासा 43 गेंदों में आया. सचिन के सबसे पहले इंटरव्यू में उसने टॉम आल्टर से कहा था कि उसे बल्ले पे आती गेंदें खेलने में मज़ा आता था. यहां ऑस्ट्रेलिया के फ़ास्ट बॉलर्स को वो खेल नहीं मार रहे थे. शेन वॉर्न भी नहीं बख्शे गए थे. मैकडर्मेट को लॉन्ग ऑन के ऊपर मारा गया छक्का भयानक था. जिस आसानी से वो शॉट खेला गया था, मज़ेदार था. मैक्ग्रा, मैकडर्मेट और वॉर्न को आसानी से खेलते हुए सचिन ने 130 गेंदों में 110 रन बनाये.
पहली सेंचुरी. 78 वन-डे इनिंग्स के बाद. खुद पर रक्खे गए भरोसे के बाद. अभी 384 इनिंग्स बाकी थीं. अभी 48 सेंचुरी आनी बाकी थीं. कॉर्क हट चुका था, अब बस शराब बह रही थी.


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