
सिरसा आग के हवाले.
ऐसी ख़बरें भी आ रही हैं कि ये हिंसा राम रहीम भक्तों की उग्र प्रतिक्रिया तो थी ही, कुछ जगहों पर बाकायदा हिंसा भड़काई भी गई. ऐसी ही एक ख़बर दैनिक भास्कर के चंडीगढ़ एडिशन में छपी है. ख़बर के मुताबिक पंचकुला में राम रहीम की पूरी टीम फैसले से एक दिन पहले से मुस्तैद थी. इनको इंस्ट्रक्शन्स थे कि उन्हें किस स्थिति में क्या करना है. अगर बाबा को बरी किया जाता है तो क्या कदम उठाना है और दोषी पाए गए तो क्या स्टेप लेना है. इस टीम के 5 मेंबर बताए जा रहे हैं. इनके नाम थे, आदित्य इंसा, धीमान इंसा, दिलावर इंसा, पवन इंसा और मोहिंदर इंसा.

दैनिक भास्कर में छपी उन 5 लोगों की तस्वीर.
दोपहर 2.30 बजे तक ये लोग आराम से बैठे रहे. उसके बाद ये लोग 2 और व्यक्तियों के साथ पंचकुला के हैफेड चौक पहुंचे. वहां इनकी आपस में जो बातचीत हुई उसे भास्कर के रिपोर्टर ने सुन लिया. उन्हें पता नहीं था कि उनके बीच कोई रिपोर्टर भी मौजूद है. एक बोला, “बाबा जी पहुंच चुके हैं, लेकिन लोगों में जोश नहीं है.” टीम में से 2 लोग निकले और भीड़ को बोले, “जय हो, बाबा जी बच गए.” पूरी भीड़ उत्तेजना में खड़ी हो गई.
ये भक्ति नहीं गुंडई है:
दैनिक भास्कर के मुताबिक़, उसके बाद इन पांचों में से 2 लोग सेक्टर 3 पहुंचे. वहां भी समर्थकों का हुजूम था. दोपहर 2 बजकर 55 मिनट पर जैसे ही कोर्ट का फैसला आया, इन्होंने भीड़ को भड़काना शुरू किया. तोड़फोड़ के लिए उकसाया. इन लोगों ने ही न्यूज़ चैनल की ओबी वैन तुड़वाई. उसके बाद चुपचाप निकल गए.
ये जानकर लगता है कि कोर्ट ने नुकसान भरपाई के लिए जो व्यवस्था बताई है, वो सही ही है. कोर्ट ने कहा है कि राम रहीम की संपत्ति ज़ब्त कर के दंगों से हुए नुकसान की भरपाई की जाए. जब बाबा की टीम के मेंबर्स का सीधा हाथ था दंगे भड़काने में, तो इसका हर्जाना भी बाबा ही भरे.
एक और केस बाबा का, जिसकी सुनवाई अगले महीने है:
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