The Lallantop

हिंदी महोत्सव 16: 'हाय हिंदी' का रोना मत रोइए, हिंदी को Hi कहिए

संडे था, जगह ऑक्सफोर्ड बुकस्टोर, वाणी प्रकाशन और ढेर से पब्लिशर्स, मौक़ा 'हिंदी महोत्सव' का, 'दी लल्लनटॉप' भी पहुंचा लेकर 'जवां ज़ुबां.'

Advertisement
post-main-image
फोटो - thelallantop
ध्येय वाक्य होते हैं ना. जिसे ध्यान में रखकर सारी मेहनत, सारी कवायद की जाती है. तो इस दौर की हिंदी का ध्येय वाक्य ये होना चाहिए. 'hi हिंदी.' इसमें यकीन रखता है 'दी लल्लनटॉप'. इसलिए हम हिंदी के सारे लिहाफ उतारकर उसे साथ लिए हुए बढ़ रहे हैं. OXFORD2
'भेज रहे हैं नेह निमंत्रण, भूल न जाना आने को' की भाषा से हमें परहेज नहीं. लेकिन लगे हाथ हमें समीर से उधार लेकर कहने दीजिए कि 'जब दिल न लगे दिलदार, हमारी गली आ जाना.' तो हमने बुलाया और बहुत सारे लोग हमारी गली आए. https://www.youtube.com/watch?v=5qD8Iczqv60 गली खैर हमारी नहीं थी, पर उस गली में हमारा जलसा जरूर था. दिल्ली के कनॉट प्लेस में ऑक्सफोर्ड बुकस्टोर है. यहां वाणी प्रकाशन ने रविवार को 'हिंदी महोत्सव' करवाया. हिंदी साहित्य के कई सेशन हुए और एक सेशन 'दी लल्लनटॉप' के लिए था. इसका टाइटल था, 'जवां ज़ुबां.' oxford4
तो हमने जवानों की जुबान और जुबान की जवानी पर बात की. हमने यानी किनने? हिंदी बेस्टसेलर किताब कोठागोई के लेखक प्रभात रंजन, अद्वैता बैंड के लीड क्लासिकल सिंगर उज्ज्वल नागर और 'बउआ' फेम आरजे रौनक. ये तीन मेहमान थे और इनसे बात की 'दी लल्लनटॉप' के सरपंच सौरभ द्विवेदी ने. oxford1
आरजे रौनक माने बउआ भी थे. तो बताने लगे बउआ पैदा कैसे हुआ था. ये भी बताए कि बउआ माने असल में होता क्या है. फिर बउआ के पीछे की साइकोलॉजी भी कि कैसे बउआ गलत होकर भी सही होता है. https://www.youtube.com/watch?v=FkrJm9mn3Gk&feature=youtu.be पढ़ें आरजे रौनक का इंटरव्यू: 'सड़कों पर पैंफलेट बांटता था, वहीं से लैंग्वेज और लोगों को जाना'
बात हिंदी की चली तो प्रभात रंजन ने मनोहर श्याम जोशी के हवाले से अज्ञेय जी का एक किस्सा सुनाया. और बताया हिंदी का लेखक क्या-क्या झेलता है.  महान बनने की दौड़ में उसे किन-किन तिकड़मबाजियों में फंसना पड़ता है. https://www.youtube.com/watch?v=4BxokIyY4w0 पढ़ें प्रभात रंजन का इंटरव्यू: 'बचपन से कोठों पर जाता रहा, पर GB रोड से डर लगता है'
उज्ज्वल नागर थे और हम इतने लालची लोग हैं कि पूरी बेशर्मी के साथ गाने वालों को बिना गवाए तो छोड़ते हैं नहीं. सो फरमाइशें आईं और उनने पूरी भी की. https://www.youtube.com/watch?v=DO2VNNLd_Jw पढ़ें उज्ज्वल नागर का इंटरव्यू: 'क्लासिकल गाना मतलब जो आप लोग 'आ आ' करते हो वही ना?'

Add Lallantop as a Trusted Sourcegoogle-icon
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement