आधी से ज्यादा दुनिया में डेमोक्रेसी आ चुकी है. लेकिन तमाम देशों में अब भी पुराना ढर्रा चालू है. कहीं आधी डेमोक्रेसी है कहीं पूरा राजतंत्र. उनमें ज्यादातर इस्लामिक देश हैं. ऐसा ही एक छोटू सा देश है ब्रूनेई. साउथ ईस्ट एशिया के द्वीप बोर्नियो का एक हिस्सा. इस देश को शांति के देश के नाम से जाना जाता है. शांति है भी. क्योंकि लोग शांत हैं. या पता नहीं आलसी. इनके यहां पिछले 48 साल से एक ही राजा राज कर रहा है. सुल्तान हसनअल बोल्किया. 1946 में पैदा हुए हैं ये भाईसाब. उम्र केवल 21 साल थी इनकी जब ब्रूनेई का सिंहासन संभाला. साल था 1967. अपने खानदान और देश के 29 नंबर के सुल्तान. पूरा नाम है इनका सुल्तान हाजी हसनअल बोल्किया मुइज्जदीन वादाउल्लाह. अब एक लंबी सांस ले लो और आगे पढ़ो.

बाकी खाड़ी देशों की तरह इनकी भी इनकम का जरिया तेल और गैस है. इसलिए हचक के रकम भी पैदा की है. खर्चे में न कोई चिंता न फिकर. भाईसाहब के एक बार बाल सेट कराने का खर्चा पता है कित्ता पड़ता! पूरे 21 हजार डॉलर. कारों के बड़े शौकीन हैं. रेयर और लिमिटेड एडिसन कारें इकट्ठा करने का मरज है. कारें इनके पास इत्ती हैं कि 10-20 अच्छे खासे शोरूम खोल लें. हां साहब 7 हजार कारें हैं. जिनमें से 600 से ज्यादा रॉल्स रॉयस हैं. बाकी भी कोई टुच्ची तो होंगी नहीं. हाई फाई ही रखते होंगे जवान. 300 से ज्यादा फेरारी, 134 कोएनिंगजेग(पहिले गूगल पर देखे हम ये कार). 11 ठो मेकलारेन एफ1 और 6 पोर्श. ढेर सारी धांसू जैगुआर. गाड़ियों की ही कुल कीमत 5 अरब से ज्यादा है और बताओ.

दूसरा मर्ज है एरोप्लेन का. एक से बढ़ कर एक जहाज खरीद रखे हैं. जिनके अंदर आदमी को बैठा दो फिर जन्नत की बात न करो. जो सबसे महंगा प्लेन है न उसका खर्चा 22 करोड़ डॉलर है.

घर भी बड़े महंगे वाले हैं. हर बड़े देश में इनकी प्रॉपर्टीज हैं. ये घर देखो सुल्तान का. इस्ताना नूरुल इमाम कहते हैं इसको. 1.4 बिलियन डॉलर कीमत आती है इसकी जोड़ जाड़ कर. इंडियन रुपैये में करीब 93 खरब होती है ये रकम.

80 और 90 के दशक में दुनिया का सबसे अमीर आदमी थे सुल्तान साहब. फिर बिल गेट्स ने गद्दी से उतार दिया. लेकिन राजा तो राजा. उसका भौकाल बिजनेस मैन थोड़ी न ले सके हैं. लेकिन कहते हैं वहां की जनता उनसे बड़ी खुश है. हर तरफ अमन चैन. न कौनो टैक्स न वसूली. तभी तो इतनी शांति है वहां. चैरिटी वैरिटी भी करते हैं.
लेकिन सुने हैं कि तेल का खेल खत्म होने वाला है. अगले पांच साल में तेल बेचने वाले देश भिखारी हो जाएंगे. तब क्या होगा कालिया. कहां जाएगी ये शांति?