वैसे तो हर बार की तरह इस बार भी भारतीय वायु सेना के फाइटर प्लेन गणतंत्र दिवस परेड में करतब दिखाएंगे. लेकिन इस बार तो यह नजारा और भी खास होगा, क्योंकि इस बार की परेड का समापन एक खास विमान के करतब से होगा. हाल ही में भारत की वायुसेना में शामिल हुआ राफेल खास करतब 'वर्टिकल चार्ली' (Vertical Charlie) परफॉर्म करेगा. इससे पहले यह करतब हर बार सुखोई विमान करते आए थे. चूंकि इस बार हमारे पार बेहतरीन राफेल फाइटर जेट मौजूद हैं, इसलिए करतब इसके जरिए होगा. आइए जानते हैं इस खास करतब 'वर्टिकल चार्ली' के बारे में. पहली बार परेड में दिखेगा राफेल यह पहला मौका होगा जब परेड में लोग राफेल का दीदार करेंगे. न सिर्फ दीदार करेंगे बल्कि इसके करतब भी देखेंगे. इस बात की जानकारी खुद भारतीय सेना के वरिष्ठ अधिकारी ने दी. मेजर जनरल अशोक काकेर ने बताया कि
राफेल जेट पहली बार भारतीय वायुसेना की तरफ से उड़ान भरते नजर आएंगे. फिनाले के तौर पर 'वर्टिकल चार्ली' नाम का खास कौशल भी इस बार राफेल एयरक्राफ्ट करेंगे.
राफेल के परेड में शामिल होने की जानकारी देने के लिए रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता ए. भारत भूषण बाबू ने ट्विटर पर भी एक वीडियो शेयर किया.

राफेल के नए करतब करने की जानकारी रक्षा मंत्रालय और वायु सेना के सीनियर अधिकारियों ने दी.
क्या होता है वर्टिकल चार्ली जब एक फाइटर प्लेन लड़ाई के मैदान में उतरता है तो उसे न सिर्फ दुश्मन को नुकसान पहुंचाना होता है, बल्कि खुद तो भी बचाना होता है. इसके लिए फाइटर पायलट तरह-तरह के दांव या कौशल की प्रैक्टिस लगातार करते हैं. इनके जरिए ये पायलट दुश्मन को न सिर्फ चौंकाते हैं बल्कि खुद को भी किसी हमले से बचा लेते हैं. इस तरह के करतब को करने के लिए विमान को सीधे-सीधे उड़ाने के अलावा दूसरी तरह से कलाबाजी की प्रैक्टिस भी की जाती है. इन स्टंट्स में शामिल होते हैं - कोबरा, हरबर्स्ट और कलबेत आदि. फाइटर प्लेन इतनी रफ्तार में उड़ते हैं कि पलक झपकते ही वह कई किलोमीटर की दूरी तय कर लेते हैं. ऐसे में किसी भी तरह करतब बहुत ही रिस्की होता है. इन करतबों के जरिए न सिर्फ विमान की लिमिट चेक हो जाती है, बल्कि उड़ाने वाले पायलट की कुशलता का भी पता चलता है.

हर फाइटर जेट को करतब कराने के लिए घंटों प्रैक्टिस की जाती है.
बाकी करतबों की तरह 'वर्टिकल चार्ली' भी एक खास और खतरनाक करतब है, जो फाइटर फाइटर प्लेन की ताकत और उसकी खास तकनीक को दिखाने के लिए किया जाता है. इसमे विमान बहुत नीचे उड़ता है और एक जगह पर आकर तेजी से ऊपर की ओर जाता है. इसके साथ ही विमान फ्लेयर यानी चमकीली रोशनी छोड़ते हैं. यह चमकीली रोशनी आपको करतब का हिस्सा मात्र लग सकती है लेकिन इसके पीछे भी विमान के बच निकलने की जुगत होती है. जब जमीन से हवा में मार करने वाली कोई मिसाइल विमान की गर्मी को भांप कर उससे लॉक हो जाती है. तब फाइटर जेट इस तरह के गरम और चमकीले फ्लेयर छोड़ कर मिसाइल की दिशा को भटका देते हैं.

वर्टिकल चार्ली करतब में विमान निचली उड़ान भरने के बाद तेजी से ऊपर की ओर जाता है.
गणतंत्र दिवस परेड में इस बार राफेल के अलावा वायु सेना के दूसरे लड़ाकू विमान भी अपने हवाई करतब दिखाएंगे. परेड में 38 एयरक्राफ्ट और भारतीय वायु सेना के 4 विमान हिस्सा लेंगे. इस बार 28 साल की फ्लाइट लेफ्टिनेंट भावना कंठ परेड में हिस्सा लेंगी. इसी के साथ वह परेड में भाग लेने वाली पहली महिला फाइटर पायलट बन जाएंगी.





















