भूख का निदान प्रशासन का पहला धर्म है, गरीबों की देखभाल सिंहासन का कर्म है इस धर्म की पालना में जिस किसी से चूक हो, उस के साथ मुजरिमों के जैसा ही सलूक हो भूख से कोई मरे ये हत्या के समान है, हत्यारों के लिए मृत्युदंड का विधान है कानूनी किताबों में सुधार होना चाहिए, मौत का किसी को जिम्मेदार होना चाहिएहरिओम पवार ने ब्याह नहीं किया. लेकिन उन्होंने अपने इस जन्मदिन पर चार सौ बेटियों को गोद लिया. उनकी पढ़ाई लिखाई का सारा खर्च ट्रस्ट उठाएगा. जो ट्रस्ट हरिओम पवार चलाते हैं. ये पहली बार नहीं है. ऐसा हर साल होता है. फिलहाल 900 गरीब बच्चों की पूरी जिम्मेदारी उठा रखी है. वो गाते हैं.
मैं झोपड़ियों का चारण हूं आंसू गाने आया हूं घायल भारत माता की तस्वीर दिखाने लाया हूं|लल्लनटॉप अड्डे पर आए. अपने तमाम अनुभव और कविताएं सुनाईं. कविताओं से पहले एक बड़े वर्ग की सवालिया निगाहों को झुकाया. वर्ग, जिसे मॉडर्न लहजे में क्रिटिक कहते हैं. वो हर फेमस शख्स की खूबियों को कमी बताने पर जोर रखते हैं. हरिओम पवार सुनने वालों के बीच पॉपुलर हैं. उनकी कविताओं के ऑडियो व्हाट्सऐप पर फॉरवर्ड होते हैं. भूख, दिल्ली दरबार, चंद्रशेखर आजाद जैसी उनकी कविताओं के फैन करोड़ों में हैं. क्रिटिक लोग फेमस कवि को कवि ही नहीं मानते. हमारे अड्डे पर हरिओम पवार ने इसका जवाब दिया. कहा कि "मैं नहीं कहता कि मैं हिंदी का सिद्ध कवि हूं. लेकिन मैं हिंदी का प्रसिद्ध कवि हूं. ये कहने में कोई गुरेज़ नहीं है." किसी ने पूछा कि आपने ओज के अलावा हास्य कविताएं लिखी हैं क्या? तो मजेदार बातें सुनाईं. बस अब सुनो, देखो और एंजॉय करो. https://youtu.be/N-uLm-zH-5c?list=PL1BQkm1ZUCaVApTuvIzoSGHEJaj-DMZm5
लल्लनटॉप अड्डे से और: "रणबीर कपूर से लल्लनटॉप बंदा कोई नहीं है": पीयूष मिश्रा जब जहाज उतरे तो जय बोलिए, जब जहाज उड़ जाए तो जय बोलिए: रवीश मुनव्वर राना ने शरारती अंदाज में बताया, हवाई जहाज में बेल्ट क्यों बांधते हैं? पत्रकार दोस्त को गोवा का सीएम कैंडिडेट बनने के लिए मना रहा हूं: आशुतोष मैं अपनी बात तो रखूंगी ही, चाहे कुछ भी हो: अंजना ओम कश्यप मैंने सब कुछ हिंदी से कमाया है: प्रसून जोशी
















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