पिक्चर वाली पोयम: 'धड़कने दो'
अाज सुनिए कवि जावेद अख्तर की ये कविता.
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फोटो - thelallantop
https://www.youtube.com/watch?v=XH7Pxw7AvOY दोस्ती जो प्यार बने हैरत नहीं क्योंकि ज़िंदगी मोहब्बत है नफरत नहीं धड़के जो, तो दिल को धड़कने दो भड़के जो, ये शोला भड़कने दो राहों में, दो बाहें बाहों में ओ बेबी आओ न साथ चलो हमसे तुम दोस्ती कर लो -महाकवि जावेद अख्तर
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