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PM दफ़्तर में क्या बातें होतीं है,ऑडियो लीक में सब बाहर आया!

इमरान ने ऑडियो लीक पर सरकार को घेर लिया है

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पीएम शहबाज़ और मरयम नवाज़ की क्या बात हुई?

कल्पना कीजिए कि जिस जगह पर मुल्क़ का रहनुमा रहता है, वहां खुफिया मशीनें लगीं है. वहां जो कुछ बातें होतीं है, वो कोई और भी सुन रहा हो. फिर वो उसे लीक करने लगे. अगर कभी ऐसा हो तो क्या हो? ज़ाहिर है कि उस मुल्क़ में राजनैतिक उठापटक शुरू हो जाएगी.

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इन दिनों पाकिस्तान में कुछ-कुछ वैसा ही हो रहा है. पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ़ और उनकी पार्टी के कई नेताओं की कथित ऑडियो क्लिप्स सोशल मीडिया पर वायरल हैं. मीडिया रपटों के मुताबिक, पीएम हाउस की लगभग सौ घंटों की ऑडियो रिकॉर्डिंग डार्क वेब पर बिक रहीं है. इसमें पाकिस्तान की सिक्योरिटी से जुड़ी कई गोपनीय जानकारियां भी हैं.

ये मामला सामने आया, 24 सितंबर को पाकिस्तान में फेसबुक और ट्विटर पर एक ऑडियो क्लिप घूम रही थी. दावा किया गया कि क्लिप शहबाज़ शरीफ़ की है. क्लिप में क्या था?
दावे के मुताबिक, अधिकारी पीएम शहबाज़ से कहता है,

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‘मेरे पास मरियम नवाज़ का वॉट्सऐप मेसेज आया था. उन्होंने मुझे अपने दामाद राहील के लिए भारत से बिजली संयंत्र मंगवाने को कहा है. लेकिन अगर हम ऐसा करते हैं तो इसके लिए हमारी बहुत आलोचना हो सकती है. ये मामला ECC और कैबिनेट में भी जाएगा.’

इसपर शहबाज़ कहते हैं,

राहील, मरियम नवाज़ को बहुत प्यारे हैं. पहले मरियम को लॉजिकल तरीके से समझा दें, उसके बाद मैं भी उनसे बात करूंगा. 

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शहबाज़ उस अधिकारी की बात से सहमति जताते हैं. कहते हैं कि ऐसा करने से हमें आगे बहुत दिक़्क़त आ सकती है.

गौरतलब है कि मरियम नवाज़ की बेटी मेहरुन्निसा की शादी उद्योगपति चौधरी मुनीर के बेटे राहील से दिसंबर 2015 में हुई थी. उनकी शादी में भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी पहुंचे थे.

उसी दिन शाम को इमरान की पार्टी PTI के नेता फ़वाद चौधरी ऑडियो क्लिप को क़ोट-ट्वीट करते हैं. वो लिखते हैं,

‘प्रधानमंत्री की लीक कॉल कई मायनों में चिंताजनक है. अपने खानदान के बिज़नस को बचाने के लिए कानून से खिलवाड़ करना शरीफ़ फ़ैमिली की पुरानी आदत है.’

फ़वाद चौधरी के ट्वीट से मामला और संगीन हो गया. फिर बयानों का सिलसिला शुरू हुआ. टीवी चैनल्स में डिबेट शुरू हो गई.

इसके कुछ घंटों बाद एक और ऑडियो क्लिप बाहर आई. इसमें शहबाज़ शरीफ़ अपनी भतीजी मरियम नवाज़ के साथ पाकिस्तान के वित्तमंत्री मिफ़्ताह इस्माइल के बारे में बात करते सुनाई देते हैं.

मरियम, शहबाज़ से कहतीं है,

‘पता नहीं, मिफ्ताह क्या कर रहा है, हर जगह से शिकायतें आ रही हैं. ज़िम्मेदारी भी नहीं लेता और टीवी में जाकर उल्टी-सीधी बातें करता रहता है. जिससे उसका मज़ाक उड़ता है. अंकल, हमने इसपर बड़ी महनत की है. इसको यही नहीं पता ये कर क्या रहा है. इसके असरात बहुत बुरे होंगे.

इसपर शहबाज़ शरीफ कहते हैं

मिफ्ता ने क्लियर डंडी मारी है, डार साहब कुछ भी हो कंट्रोल कर लेते हैं,

जिसके बाद मरियम कहती हैं,

अल्लाह करें डार साहब जल्दी वापस आ जाएं.

यहां डार साहब से मुराद इशाक़ डार से है. इशाक डार पाकिस्तान के पूर्व वित्तमंत्री रह चुके हैं. रोचक है कि 25 सितंबर को मिफ़्ताह इस्माइल ने इस्तीफ़ा दे दिया. उनकी जगह पर इशाक़ डार पाकिस्तान के नए वित्तमंत्री बनने वाले हैं.

उसी रोज़ और भी ऑडियो क्लिप्स वायरल हुईं. उनमें रक्षामंत्री ख्वाज़ा आसिफ़, कानून मंत्री आज़म तरार, गृहमंत्री राणा सनाउल्लाह और नेशनल असेंबली के पूर्व अध्यक्ष अयाज़ सादिक़ की बातचीत थी. इस क्लिप में PTI के सांसदों के इस्तीफे़ के बारे में बात हो रही थी.

एक और ऑडियो क्लिप में शहबाज़ शरीफ़ और मरियम नवाज़, परवेज़ मुशर्रफ़ की पाकिस्तान-वापसी पर बात करते सुनाई देते हैं. इसमें मरियम, शहबाज़ को बताती हैं कि DG-ISPR कह रहे थे कि अब मुशर्रफ़ को वापस आ जाना चाहिए. उसकी फ़ैमिली को जो भी ज़रूरत होगी. हम मदद करेंगे.

आगे ऑडियो में मरियम अपने पिता नवाज़ शरीफ़ से हुई बातचीत के बारे में भी बताती हैं. कहती हैं कि उन्होंने नवाज़ से परवेज़ के मुद्दे पर कुछ ट्वीट करने को कहा था. और, अब्बू ने मेरी बात मान ली थी.

नवाज़ ने जून 2022 में ट्वीट किया था,

“परवेज़ मुशर्रफ़ से मेरी कोई व्यक्तिगत दुश्मनी नहीं है. मैं नहीं चाहता कि जो मुझे सहना पड़ा है, वह किसी और को भुगतना पड़े.”

पाकिस्तान सरकार ने पूरे मामले को गंभीरता से लिया गया है और जांच की बात की है. सरकार ये भी कह रही है कि ऑडियो क्लिप्स में कुछ भी ग़लत नहीं है. PML-N गठबंधन में शामिल पार्टियों ने दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है.

रिपोर्ट्स के मुताबिक, सभी ऑडियो प्रधानमंत्री के दफ़्तर में हुई प्राइवेट बातचीत के हैं. सरकार ने अभी तक इसकी सत्यता से इनकार नहीं किया है. पूर्व प्रधानमंत्री इमरान ख़ान ने इसको लेकर सत्ताधारी गठबंधन पर निशाना साधा है. साथ ही ये भी कहा कि चीफ़ इलेक्शन कमिश्नर को तुरंत इस्तीफ़ा दे देना चाहिए.

पाकिस्तान की राजनीति में ऑडियो लीक कोई नई बात नहीं है. लेकिन प्रधानमंत्री के दफ़्तर में सेंध ने इतिहास की कलम में नई स्याही भर दी है. कहा जा रहा है कि आने वाले दिनों में और भी रहस्यमयी ऑडियो क्लिप्स सामने आ सकतीं है. ये किसके लिए सुखदायी और किसके लिए दुखदायी साबित होगा, ये तो आने वाला समय ही बताएगा.

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