https://www.youtube.com/watch?v=Gk2OcKVu8qU
पाकिस्तान में हर साल हजारों लोगों की ऑनर किलिंग होती है. ज्यादातर मरने वाली लड़कियां होती हैं जिन्हें इज्जत के नाम पर मार दिया जाता है. मारने वाले भी उनके घर के, उनके बाप-भाई या रिश्तेदार होते हैं. छोटी जगहों पर ये सब और ज्यादा होता है, सबसे बुरा ये कि इन मामलों में कभी कोई जेल नहीं जाता क्योंकि वहां लोगों को ये गलत ही नहीं लगता. अगर कोई फंसता भी है तो उसे 'माफ़' करा दिया जाता है. या 'ब्लड मनी' के नाम पर मामला दबा दिया जाता है.

Source- Reuters
इस फिल्म को पाकिस्तान के प्रधानमंत्री नवाज शरीफ ने अपने घर पर देखा और फिल्म की डायरेक्टर शारमीन ओबैद चिनॉय से वादा किया कि वो क़ानून बदलेंगे और कोशिश करेंगे कि ऐसे मामलों में कड़ी से कड़ी सजा मिले. शामीन पहले भी एकेडमी अवार्ड जीत चुकी हैं. 2012 की सेविंग स्माइल के लिए. वो फिल्म तेज़ाब हमले की शिकार दो औरतों पर बेस्ड थी.
https://www.youtube.com/watch?v=hWrk-brFCrY
फिल्म को ऑस्कर मिल चुका है. पाकिस्तान में इस मुद्दे पर बहस हो रही है. वहां के धर्मगुरुओं ने भी इस फिल्म के बाद औरतों पर ऐसे हमलों को बुरा बताया है. प्रधानमंत्री ने वादा ही कर दिया है. उम्मीद करते हैं कि इस इनाम के बाद पाकिस्तान में हालात कुछ सुधरेंगे.




















