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दो साल के ब्रेक के बाद लता ताई लौट आई हैं

दो साल बाद स्वर कोकिला ने गाया एक गाना.

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फोटो - thelallantop
1942 में जब जवाहर लाल नेहरू राजनीति में सक्रिय थे. एक लड़की फिल्म इंडस्ट्री में सिंगर के तौर पर पहचान बना रही थी. नेहरू के बाद उनकी बेटी इंदिरा ने हिंदुस्तान की राजनीति में पहचान बनाई, तब वो प्लेबैक सिंगर अपने करियर के शिखर पर थी. इसके बाद इंदिरा के बेटे राजीव प्रधानमंत्री बने तो हिंदी सिनेमा की वो गायिका तमाम हीरोइनों को अपनी आवाज़ दे रही थी. अब राजीव गांधी के वारिस हिंदुस्तान की राजनीति में जूझे पड़े हैं और अब भी आवाज़ गूंज रही है. कुदरत का तोहफा नहीं हैं लता मंगेशकर, तो और क्या हैं. उनकी आवाज़ पीढ़ियों तक पसरी हुई है और पीढ़ियों तक पसरी रहेगी.
अगर आप लता मंगेशकर के फैन हैं तो अच्छी खबर सुन लीजिए. दो साल से उम्र और खराब सेहत के चलते गायकी से दूर रहीं लता लौट आई हैं. 87 साल की उम्र में उन्होंने एक बार फिर स्टूडियो में सुर लगाए हैं. उन्होंने राम रक्षा स्त्रोत के 38 श्लोकों को अपनी आवाज़ दी है. इसे कम्पोज़ किया है मयूरेश पई ने.
और बरबस इस वक्त हमें लता का गाया पहला गाना याद आता है, जो 1942 में उन्होंने मराठी फिल्म 'किति हसाल' के लिए गाया था. ये गाना फिल्म में अपनी जगह नहीं बना पाया था. इसके बाद तमाम संगीतकारों की धुनों को लता ताई ने अपनी आवाज़ दी. वो कहानी आप जानते हैं. https://www.youtube.com/watch?v=0_5RfSE6ZRA ताजा रिकॉर्डिंग से पहले 2014 में लता ताई ने एक विमेंस डे स्पेशल एलबम- 'स्प्रेडिंग मैलोडीज़ एवरीव्हेयर' में एक गाने को आवाज़ दी थी. उनकी गायकी में यह 'और ज्यादा, और ज्यादा' का आकर्षण ही तो है कि हम इसे 'कमबैक' की तरह देख रहे हैं. फरीदा आपा को भी लगे हाथ याद कर लेना चाहिए. पिछले साल कोक स्टूडियो के लिए जब उन्होंने 'आज जाने की ज़िद न करो' गाया था तो दोबारा रौंगटे खड़े हो गए थे. https://www.youtube.com/watch?v=KDJL2FyRDeA  
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