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फाइनल से एक कदम दूर इंडिया

मैच है आज. मुंबई. वानखेड़े स्टेडियम. 2011 वर्ल्ड कप यहीं जीता था. आज सेमी फाइनल जीतना है. वेस्ट इंडीज़ से.

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फोटो - thelallantop
क्रिस गेल, विराट कोहली, ड्वेन ब्रावो, एम.एस. धोनी. ये चार मेन नाम हैं जिनपर मुंबई में सारी निगाहें रहेंगी. मैदा वालों की भी और टीवी पर देखने वालों की भी. ये सभी प्लेयर्स अपने अपने खेल के दम पे गेम का रुख मोड़ने की ताकत और हुनर रखते हैं. भले ही ये बड़ा स्कोर न करें लेकिन मैदान पर इनकी मौजूदगी ही कई कमाल कर देती है. इन सभी ने गेम में अपनी अपनी बादशाहत बरकरार रखी है. इंडिया जिस तरह से वन-डे और टेस्ट क्रिकेट खेलती आ रही थी, उसने टी-20 में भी वही जारी रखा है. ज़्यादातर मैच बोना किसी ख़ास बदलाव के खेले हैं और जीते हैं. वेस्ट इंडीज़ किसी भी हालत में अपने वन-डे और टेस्ट मैचों की परफॉरमेंस को आस पास फटकने भी नहीं देना चाहेगी. लेकिन हां, टी-20 की बात आते ही उन्हें न जाने क्या हो जाता है. चौकस क्रिकेट खेलने लगते हैं. एक वर्ल्ड कप जीत भी चुके हैं. सैमी की कप्तानी में. उनका मोटो होता है, गेंद मारो और लौटने का इंतज़ार करो. इन बातों का मुख्य कारण है मेन खिलाडियों के खेलने का तरीका. गेल बॉल को मारने में विश्वास रखते हैं. उनका मारना सिर्फ मारना नहीं बल्कि गेंद की आत्मा को उसके शरीर से मीलों दूर कर देने वाला मारना होता है. कोहली ने खुद ही कहा है कि उन्हें ये अहसास होने के बाद कि लम्बे छक्के उनके बस के नहीं है, उन्होंने चौव्वों पर और गैप्स पर ध्यान देना शुरू किया है. इनकी बैटिंग की मजेदार बात ये है कि ऑफ स्टम्प की लाइन में आई गेंदों को मिडविकेट की और जाते हुए देखा जा सकता है. ये इनके टैलेंट से होते हुए, इनकी आदत बन चुका है. दोनों ही टीमें काफ़ी गजब विस्फ़ोटक सामग्री लपेटे घूम रही हैं. लेकिन ये सामग्री सिर्फ शुरूआती ऑर्डर में दिख रही है. बीच में दोनों ही टीमों में मामला घुप्पल में है. दिनेश रामदीन और सुरेश रैना ने दो सालों से ऊपर से कोई भी फ़िफ्टी नहीं मारी है. ड्वेन ब्रावो अभी तक समझ नहीं पा रहे हैं कि वो ठोंक के खेलें या रोक के. युवराज सिंह तो निकल ही चुके हैं, उनके बारे में कहना ही क्या? अब वेस्ट इंडीज़ के सामने एक समस्या है कि एक प्लेयर होगा जिसके सामने कैसे फेंकना है उन्हें ये समझ ही नहीं आ रहा होगा. अजिंक्या रहाने, पवन नेगी और मनीष पाण्डे. क्यूंकि इन प्लेयर्स ने मैच एक भी मैच नहीं खेला है इस पूरे वर्ल्ड कप में. इसके साथ ही आज ऐसा भी होगा कि इन 22 प्लेयर्स में कई प्लेयर्स अपना आखिरी टी-20 वर्ल्ड कप खेल रहे होंगे. हर प्लेयर इस मैच के बाद एक मैच और खेलना चाहेगा. ईडेन गार्डेन्स में.

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