गुस्ताख़ इश्क़ इरा टाक की इस ऑडियोबुक में आप सुनेंगे कहानी मिताली की, जो कि शादीशुदा होते हुए भी किसी और से इश्क़ करने की गुस्ताख़ी कर बैठती है. मिताली की कहानी के ज़रिये यह सीज़न एक्स्ट्रा मैरिटल अफेयर और उससे जुड़ी जटिलताओं को बड़ी नज़ाकत से आपके सामने रखता है.

बिहारी टाइगर्स एक्शन केटेगरी में स्टोरीटेल आपके लिए लाया है ‘बिहारी टाइगर्स’. यह कहानी है कुछ ईमानदार स्टूडेंट्स की जिन्हें सिस्टम गुनाह के रास्ते पर चलने के लिए मजबूर कर देता है. क्षितिज रॉय द्वारा लिखे गए इस सीज़न में नंदकिशोर पांडेय ने अपनी बुलंद आवाज़ दी है.

डाइस सस्पेंस थ्रिलर्स के शौकीनों के लिए स्टोरीटेल लाया है एक ऐसा ओरिजिनल जो आपको सांसें रोकने पर मजबूर कर देगा. एक सीरियल किलर एक के बाद एक लोगों की जानें ले रहा है और अपने क्राइम सीन्स पर छोड़ रहा है एक लाल डाइस. क्या इस चूहे बिल्ली के खेल में पुलिस उस किलर को पकड़ पाएगी? वो तो आपको सुन कर ही पता चलेगा.

काली रात अगर आपको डरावनी कहानियां सुनना पसंद है तो ‘काली रात’ में वो सब कुछ है जो कि एक हॉरर फैन को चाहिए. आदित्य अपने नए बंगले की पार्टी में अपने दोस्तों को इन्वाइट करता है, लेकिन वहां कोई और भी है जो धीरे धीरे उन्हें अपने वहाँ होने का एहसास कराता है. दिल थाम कर सुनियेगा हरपाल महल की ये सीरीज़.

ब्लैक रोज़ दो युवा शालिनी और मोहसिन ड्रग्स की चपेट में बुरी तरह से फंस चुके हैं. एक रिहैबिलिटेशन सेंटर में जब इन दोनों की मुलाक़ात होती है तो कैसे वह एक दुसरे का सहारा बनते हैं और कैसे उनका प्यार उन्हें अपने एडिक्शन से लड़ने की हिम्मत देता है, उसी की कहानी है ‘ब्लैक रोज़’.

इश्क़ के दाने 42 साल की अंकिता के पास सब कुछ है - एक प्यार करने वाला हस्बैंड, दो प्यारे बच्चे और एक खुशहाल ज़िन्दगी. इसी बीच जब एक दिन उसकी मुलाक़ात अपने पहले प्यार उदय से होती है, तो शुरू होता है बातों का, पुरानी यादों का सिलसिला. पियूष श्रीवास्तव की इस किताब में आवाज़ दी है रतना सक्सेना और करन सिंह ने.

द स्नाइपर भारतीय सेना में स्नाइपर के तौर पर एक अरसा गुज़ारने के बाद अनुजा अपने परिवार के पास वापस आ चुकी है. सालों बाद अपनों के बीच रह कर अनुजा अपनी ज़िन्दगी को संवारने की कोशिश कर ही रही थी कि एक हादसा उसकी ज़िन्दगी में उथल पुथल मचा देता है. क्या है वो हादसा? जानने के लिए सुनिए 'द स्नाइपर'.

अशोका के नवरत्न फैंटसी केटेगरी में स्टोरीटेल लाया है आपके लिए 'अशोका के नवरत्न' नाम की सीरीज़ जिसमें राजशेखर सम्राट अशोक के 9 रत्नों को ढूंढने निकलता है और इसमें चोरी छुपे उसका साथ देती है देविका. अनुभा गोयल की लिखी इस सीरीज़ को आवाज़ दी है अद्वैत कोठारी ने.
बाबली घोष ज़िंदा है बाबली घोष एक बेहद सिंपल सी लड़की है. पेशे से टीचर और पार्ट टाइम डिटेक्टिव है. बाबली की ज़िन्दगी में मुश्किल तब आती है जब एक दिन उसके मकान मालिक का ख़ून हो जाता है और क़त्ल का इलज़ाम उसके ऊपर आ जाता है. क्या बाबली ही है असली कातिल या किसी ने रची है उसके ख़िलाफ़ कोई साज़िश? जानने के लिए ज़रूर सुनियेगा.

डिटेक्टिवगिरी डिटेक्टिवगिरी कहानी है डिटेक्टिव गिरि की. हरपाल महल की लिखी इस थ्रिलर सीरीज़ में कोसरी गांव में एक मर्डर हो जाता है जिसका पर्दाफाश करने की ज़िम्मेदारी उठाता है कहानी का नायक डेटेक्टिव गिरि. इस सीरीज़ में ज़बरदस्त सस्पेंस और ट्विस्ट हैं जो आपको अंत तक बांधे रखेंगे.

चाणक्य रोज़ाना: राधाकृष्णन पिल्लई पर्सनल डेवलपमेंट आज के वक़्त की बड़ी ज़रूरत है और आपकी इसी ज़रूरत को पूरा करेगी ये ऑडियोबुक सीरीज़. जाने माने मैनेजमेंट स्पीकर और राइटर राधाकृष्णन पिल्लई ने इस सीरीज़ के अलग अलग चैप्टर्स में टाइम मैनेजमेंट, स्ट्रेस मैनेजमेंट और वर्क-लाइफ बैलेंस जैसे कॉन्सेप्ट्स को बड़े सरल तरीके से समझाया है.

ज़ीरो टू ब्रावो आश्का एक मिलिट्री कैडेट है जिसे रॉ (R.A.W.) किडनैप कर के आतंकवादियों के गढ़ तक पहुंचा देता है. फिर किस तरह आश्का रॉ कम्यूनिकेटर की मदद से मिशन पूरा करती हैं, ये तो आप इस ऑडियोबुक को सुन कर ही जान पाएंगे.

द आगरा मर्डर डायरीज चंद्रशेखर एक युवा लेखक है. एक रोज़ उसके पब्लिशर का मर्डर हो जाता हैं और शक की सुई आ कर अटकती हैं सिर्फ ओर सिर्फ चंद्रशेखर पर. क्या चंद्रशेखर ने ही उस पब्लिशर का मर्डर किया है या वो बन रहा हैं किसी साज़िश का निशाना? सुनिए ज़रूर.

उड़ान ये कहानी है झुमुर की, जो अपने पति के किए गए गुनाहों की वजह से फंस चुकी है. जेल की सलांखों के पीछे बैठी झुमुर बाहर आने का रास्ता सोच रही है. क्या वो अपने आप को बेगुनाह साबित कर पाएगी? जानने के लिए सुनिए.

इला जब एक रोज़ सुद्यूमन अनजाने में माँ पार्वती के पवित्र जंगल में चला जाता है, तो देखते ही देखते वहाँ मौजूद तमाम आदमी औरतों का रूप ले लेते हैं. आखिर ऐसा क्या हुआ जो ये श्राप सुद्यूमन को लग गया? क्या वो वापस अपने असली रूप में आ पाएगा? पढ़िए और जानिये.

मैंशन हाउस 1999 में जब विवान का ट्रांसफर बिजनौर से दमन के स्टील प्लांट में होता हैं, तो उसे और उसकी पत्नी को वहाँ एक आलीशान मैंशन अलॉट किया जाता है. धीरे धीरे दोनों को वहाँ अजीब सी चीज़ें महसूस होने लगती हैं. क्या ये मैंशन हॉन्टेड है या ये सब महज़ एक वहम है? जानने के लिए सुनना ना भूलें ये हॉरर सीरीज़.

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